वाह रे बाबा केदारनाथ
तूने कर दिया बहुत कमाल
पल में थी धूप निकली
पर में हो गई बरसात।
5.05pm 4 oct 2026
वाह रे बाबा केदारनाथ
तूने कर दिया बहुत कमाल
पल में थी धूप निकली
पर में हो गई बरसात।
5.05pm 4 oct 2026
पहाड़ ऊँचे इतने कि छू रहै आसमान।
सड़कों का घुमाव धनुष के जैसा।
उस पे चीड़ के पेड़ जैसे चढ़ी हो कमान।
कभी चढ़ते चढ़ाई, कभी नीचे आ जाते।
आते जाते वाहन मुश्किल से निकल पाते।
पर करता नहीं कोई किसी को परेशान।
रंग बिरंगे फूल खिले हैं कहीं।
हज़ारों पराजातियाँ वृक्षों की कहीं।
देखकर प्रकृति को हूँ मैं हैरान।
2.08pm 3 Oct 2026
झरने झर झर बहते जाएं।
चाहे कितना शोर मचाएं।
फिर भी कितने मन को बाएं।
पहाड़ो से ये निकलें कल कल।
शोर मचाए ज़ोर से हर पल।
गीला करे धरती को जल।
चाहे पाएं आंँखें अजब सकून।
फिर भी रहता मन में जुनून।
दिल ये कहे बस यहीं रुकूं।
5.11pm 2 Oct 2026
होते हैं कुछ लोग दूसरों के लिए जीने वाले।
अपनों के लिए जीना उन्हें नहीं आता।
कैसे बताऊँ शरीर से ही नहीं मन से भी सेवा होती।
लोग देखते हैं तुम्हें शरीर की सेवा करते माना।
अपने तोतो भावों के ही भूखे होते हैं।
उसपे कभी तुमने ध्यान न डाला।
जी लेना कभी अपनों के लिए भी।
क्योंकि अपने तो अपने होते हैं।
3.56pm 1 Oct 2026
यमुना की लहरें मचाती शोर।
आसमान पर छा जाते बादल घनघोर।
मन खिल उठता देख नैसर्गिक सुंदरता।
ऐसी प्राकृती नज़र आती चहुँ ओर।
छँटते बादल तो होता उजियारा।
मन खिल उठता देख सुंदर नज़ारा।
तारे टिमटिमाते, चाँद चाँदनी बिखेरता।
देखते-देखते हो जाती सुंदर भोर।
रंग भरता कितने सुंदर जीवन की पतंग में।
उड़ाता मनमर्जी से किसी भी दिशा में।
चाहे उड़ाए ऊंँचा, चाहे काटे डोर।
हाथ में उसके सबकी डोर।
6.37pm 30 Sept 2026
आ रहे बादल कभी घिर के, कभी निकल आती है धूप।
अद्भुत हैं प्रकृति के नियम अद्भुत इसके रूप।
धूप में रहें तो पसीने से तर हो जाए,
ठंड लगे जोर की जरा शाम में जो आएं।
कैसे-कैसे रंग दिखें, इस धरती पर हमको।
एक अलग मीठा एहसास कर जाते हैं सबको।
हम भी जब इसका ही एक हिस्सा हैं,
तो फिर क्यों हमारा अलग ही किस्सा है।
12.50pm 29 Sept 2026
In this running, rushing life,
Pause for a moment, breathe and stay,
How peaceful it feels that way.
To see your destination from far away,
Then move ahead and touch it one day,
How peaceful it feels that way.
To set a new goal every day,
Then celebrate it in your own way,
How peaceful it feels that way.
Still, there are moments when,
You may not reach your goal today,
Yet think, “I tried my best,” anyway,
How peaceful it feels to say.
I am a traveller on my way,
I have walked many miles today,
How peaceful it feels to say.
Life has to keep moving every day,
Sometimes it stops, sometimes finds its way,
So spend a few moments in peace today.
5.22pm 28 September 2026