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Sunday, 6 April 2025

3072 ग़ज़ल शौक है Ghazal Shouk hai


   2212 1211(1221) 2212 12

 क़ाफ़िया आने 

 रदीफ़ का शौक है

उनको तो सिर्फ़ नखरे दिखाने का शौक है।

और हमको उनके नखरे उठाने का शौक है।

कटती नहीं यह जिंदगी उनके बिना न पल।

उनको तो बस हमें छोड़ जाने का शौक है।

षभवह जानते हैं हम न जी पाएंगे उनके बिन।

लगता उन्हें हमें तो मिटाने का शौक है।

हैं कैसे भी सनम हमें बस उनसे प्यार है। 

किस्मत मेरी उन्हें तो दुखाने का शौक है।

वो मान जाएंगे कभी, उम्मीद है हमें। 

हमको तो बस उन्हें ही रिझाने का शौक है।

ऐ काश उनको भी कभी, हो बस हमीं से प्यार। 

हमको भी वक्त को आज़माने का शौक है।

हमने बिठा रखा उन्हें पलकों के बीच में। 

क्यों आंसू बन के खुद को गिराने का शौक है।

वो जानते नहीं हम हैं दीवाने 'गीत' के।

मैंने सुना है उनको भी गाने का शौक है।

9.18pm 6 Apil 2025


2212 1211(1221) 2212 12

इसी बहर का फिल्मी गीत 

मिलती है ज़िंदगी में महोब्बत कभी कभी


Qaafiya aane

Radif ka shauk hai

Unko to sirf nakhre dikhane ka shauk hai.

Aur humko unke nakhre uthane ka shauk hai.

Kat'ti nahi yeh zindagi unke bina na pal.

Unko to bas humein chhod jane ka shauk hai.

Shabhavah jaante hain hum na jee payenge unke bin.

Lagta unhein humein to mitane ka shauk hai.

Hain kaise bhi sanam humein bas unse pyaar hai.

Kismat meri unhein to dukhane ka shauk hai.

Woh maan jayenge kabhi, umeed hai humein.

Humko to bas unhein hi rijhane ka shauk hai.

Ai kaash unko bhi kabhi, ho bas humi se pyaar.

Humko bhi waqt ko aazmane ka shauk hai.

Humne bitha rakha unhein palkon ke beech mein.

Kyon aansoo ban ke khud ko girane ka shauk hai.

Woh jaante nahi hum hain deewane 'geet' ke.

Maine suna hai unko bhi gaane ka shauk hai.

Saturday, 5 April 2025

3071 ਗ਼ਜ਼ਲ ਸੁਣਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ


 212 1212 212 1212

 ਕਾਫ਼ੀਆ ਆਉਣ 

 ਰਦੀਫ਼ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ 

 

ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਮੋੜ ਸਾਰੇ ਹੁਣ ਨੇ ਜਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਕੀ ਪਤਾ ਖਿਲਾਰੇ ਕੀ ਨੇ ਪਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ। 

ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਸੀ ਅਸੀਂ, ਨਾ ਕੀਤਾ ਸੀ ਗੁਨਾਹ ਕੋਈ।

ਗੱਲਾਂ ਕਿਉਂ ਅਜੀਬ ਨੇ ਸੁਣਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਇੱਕ ਤੇ ਪਾਸੇ ਕਹਿੰਦੇ ਸਾਰੇ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਰਹੋ ਸਦਾ,

ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਜੁਦਾ ਕਰਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਪਿਆਰ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਰਕੀਬ ਏ ਜਹਾਨ ਬਣ ਗਿਆ,

ਮਾਰ ਤਾਨੇ ਨੇ ਜ਼ਖ਼ਮ ਲਗਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਪਿਆਰ ਨੂਂ ਕਰਾਰ ਦੇਂਦੇ ਨੇ ਖੁਦਾ ਦੀ ਨਿਯਮਤਾਂ,

ਕੀਤਾ ਜੋ ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਥੱਲੇ ਲਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ। 

ਸਾਡਾ ਪਿਆਰ ਤਾਂ ਕਦੇ ਨਾ ਰਾਸ ਆਇਆ ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ,

ਹਰ ਹੀ ਗੱਲ ‘ਚ ਸਾਡਾ ਦਿਲ ਦੁਖਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਹੁਣ ਕਿਸੇ ਦੀ ਫੂਕ ਨਾਲ ਨਾ ਬੁਝੇ ਇਹ ਰੋਸ਼ਨੀ,

ਭਾਵੇਂ ਪਿਆਰ ਦੀ ਇਹ ਲੋ ਭੁਝਾਉਣ ਲੱਗੇ ਨੇ ਲੋਕ ਸਭ।

ਪਿਆਰ ਦੇ ਫਰਿਸ਼ਤੇ ਹਾਂ ਇਹ ‘ਗੀਤ’ ਦੱਸ ਜਮਾਨੇ ਨੂੰ,

ਕਿਉਂ ਇਹ ਨਾਲ ਦੁਸ਼ਮਣੀ ਨਿਭਾਉਣ ਲੱਗੇ ਲੋਕ ਸਭ।

2.07pm 5 April 2025

आपके हसीन रुख पे एक नया नूर है,

Friday, 4 April 2025

3070 The world turned cold (English poetry)


People now turn away, don’t even stay,

Whispering words they never used to say.


We loved with truth, we broke no law,
Yet they twist it all, and find a flaw.


They preach of love, of peace and grace,
But mock us now, right to our face.


Since we gave our hearts, the world turned cold,
Their eyes grow sharp, their words grow bold.

They call love sacred, like a prayer,
Yet treat it wrong, so cold, unfair.


This world can’t stand the love we show,
It hurts us more than we let them know.

They try to kill love’s gentle flame,
But none can end this holy name.


We’re angels of love, oh listen dear,
Why has hatred come so near?

4.32pm 4 April 2025

Thursday, 3 April 2025

3069 ग़ज़ल :'गीत' कुछ बताओ तो Ghazal : 'Geet' kuch batao to


 212 12 12 212 1212

क़ाफ़िया आने 

रदीफ़ लगे हैं लोग सब

मुंँह फेर करके जाने लगे हैं लोग सब।

जाने क्या ये बुदबुदाने लगे हैं लोग सब।

प्यार हमने है किया, है किया गुनाह नहीं। 

बातें ऐसी क्यों बनाने लगे हैं लोग सब। 

इक तरफ सभी कहें, प्यार से रहो सभी।

है किया तो देने ताने लगे हैं लोग सब।

जब से दिल लगाया दुश्मन बना जमाना ये।

दिल यहांँ वहांँ दुखाने लगे हैं लोग सब।

प्यार को कहें इबादत खुदा की लोग फिर।

क्यों नजर से यूंँ गिराने लगे हैं लोग सब।

प्यार अपना रास आया ना इस ज़माने को।

बात-बात पर सताने लगे हैं लोग सब।

अब किसी के भी बुझाए न बुझ सकेगी ये।

प्यार की जो लौ बुझाने लगे हैं लोग सब।

प्यार के फ़रिश्ते हम 'गीत' कुछ बताओ तो।

क्यों यह दुश्मनी निभाने लगे हैं लोग सब।

12.38pm 3 April 2025

इसी बहर के फिल्मी गीत 

इस बहर कर फिल्मी गीत और नगमे 

दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा 

झूमती चली हवा याद आ गया कोई 


Qaafiya aane
Radeef lage hain log sab


Munh fer karke jaane lage hain log sab.
Jaane kya ye budbudane lage hain log sab.


Pyaar humne hai kiya, hai kiya gunaah nahi.
Baaten aisi kyon banane lage hain log sab.

Ik taraf sabhi kahein, pyaar se raho sabhi.
Hai kiya to dene taane lage hain log sab.


Jab se dil lagaya dushman bana zamaana ye.
Dil yahan wahan dukhane lage hain log sab.

Pyaar ko kahein ibaadat khuda ki log phir.
Kyon nazar se yun giraane lage hain log sab.


Pyaar apna raas aaya na is zamaane ko.
Baat-baat par satane lage hain log sab.

Ab kisi ke bhi bujhaaye na bujh sakegi ye.
Pyaar ki jo lau bujhane lage hain log sab.


Pyaar ke farishte hum 'Geet' kuch batao to.
Kyon yeh dushmani nibhaane lage hain log sab.


Wednesday, 2 April 2025

3068 ਗ਼ਜ਼ਲ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ

   


Hindi version 3066
English version 3067
122 122 122 122

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆ

 ਰਦੀਫ਼ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ

ਇੱਥੇ ਕਿਉਂ ਹੈ ਬੈਠਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

ਤੂੰ ਕੀ ਸੋਚੀ ਜਾਂਦਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਇਹ ਹੈ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇਕ ਅਨੋਖੀ ਪਹੇਲੀ,

ਨਾ ਹੱਲ ਹੋ ਸਕੁਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕਈ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਖੜੀਆਂ ਸਨਮੁਖ ਨੇ ਤੇਰੇ।

ਕਿਵੇਂ ਤੂੰ ਲੜੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਬਣਾ ਹਮਸਫ਼ਰ ਲੈ ਤੂੰ ਆਪਣਾ,

ਤੂੰ ਕਿੰਨਾ ਚਲੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

 

ਜੋ ਲੈ ਸਾਥ ਆਪਣੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਚਲੇਗਾ।

ਤਾਂ ਡਰ ਵੀ ਰਹੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕੋਈ ਨਾਲ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਰਾਹ ਹੋਏ ਸੋਖਾ,

ਤੂੰ ਹੁਣ ਛੱਡ ਦੇ ਚਲਣਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਜਦੋਂ ਦੋ ਨੇ ਮਿਲਦੇ ਗਯਾਰਾਂ ਨੇ ਬਣਦੇ। 

ਨਾ ਕੁਝ ਵੀ ਬਣੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਬਣਾ ਹਮਸਫ਼ਰ 'ਗੀਤ' ਆਪਣਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ।

ਨਾ ਕੁਝ ਵੀ ਮਿਲੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

3.12pm 2 April 2025

Tuesday, 1 April 2025

3067 Find a companion (English Poetry)


Hindi version 3066
Punjabi version 3068
Why are you sitting so lonely and still?

Tell me, what thoughts your heart tries to fill?

This life is a puzzle, so tricky, so deep,
Alone, its secrets you never can keep.

So many troubles stand in your way,
How will you fight them alone every day?

Find someone dear, a friend true and bright,
How long will you walk alone in the night?

If someone walks with you side by side,
Then fear will not in your heart reside.

With company, roads feel easy to tread,
So leave this path where you're lonely and sad.

Two make eleven, much stronger than one,
Alone, my friend, nothing is done.

So 'Geet,' go find a companion to stay,
For nothing is gained by walking this way.

6.29pm 1 April 2025

Monday, 31 March 2025

3066 Ghazal ग़ज़ल: अकेले अकेले Akele Akele


Punjabi version 3068
English version 3067
    
 122 122 122 122

क़ाफ़िया आ

रदीफ़ अकेले-अकेले

यहां क्यों है बैठा अकेले-अकेले। 

बता सोचता क्या अकेले-अकेले।

ये जीवन बना इक है मुश्किल पहेली।

ना सुलझा सकेगा अकेले-अकेले।

कई मुश्किलें सामने जो हैं तेरे

तू कैसे लड़ेगा अकेले-अकेले।

बना हमसफर तू किसी को तो अपना। 

तू कब तक चलेगा अकेले-अकेले। 

जो ले साथ अपने किसी को चलेगा। 

तो फिर डर रहेगा अकेले अकेले। 

कोई साथ हो रास्ता लगता आसान। 

तू अब छोड़ चलना अकेले-अकेले।।

मिलें दो जो तब बन ग्याराह हैं जाते।

नहीं कुछ है बनता -अकेले अकेले।

बना हमसफर 'गीत' अपना किसी को।

नहीं कुछ मिलेगा अकेले-अकेले। 

10.56pm 26 March  2025


Qafiya aa
Radif: Akele-Akele

Yahan kyon hai baitha akele-akele?
Bata sochta kya akele-akele?

Ye jeevan bana ek hai mushkil paheli,
Na suljha sakega akele-akele.

Kayi mushkilein saamne jo hain tere,
Tu kaise ladega akele-akele?

Bana humsafar tu kisi ko toh apna,
Tu kab tak chalega akele-akele?

Jo le saath apne kisi ko chalega,
Toh phir dar rahega akele-akele.

Koi saath ho, raasta lagta aasan,
Tu ab chhod chalna akele-akele.

Milen do jo tab ban gyaarah hain jaate,
Nahi kuch hai banta akele-akele.

Bana humsafar 'Geet' apna kisi ko,
Nahi kuch milega akele-akele.

इस बहर पर कुछ मशहूर फिल्मी नगमे और गीत 


 ये महलों ते तख्तों ये ताजों की दुनिया

 मुझे प्यार की ज़िंदगी देने वाले

 जिन्हें नाज़ था हिन्द पे वो कहाँ जाएँ |

 इशारों इशारों में दिल लेने वाले 

 तुम्हें प्यार करते हैं करते रहेंगे 

 मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोये 

संभाला है मैंने बहुत अपने दिल लो |