Sangeeta Natak Academy Awardee (2019)
Dr.Shobha Kosar
Punjabi version 3064
English version 3065
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तू कहां जा रहा है अकेले।
हो सके तो मुझे साथ ले ले।
साथ होगा, तो दुख कम लगेगा।
रास्ता भी तुझे कम लगेगा।
क्यों अकेला ही सब दुख तू झेले।
हो सके तो मुझे साथ ले ले।
आज दुख है तो कल सुख मिलेगा।
वक्त के साथ हर दुख ढलेगा।
कम ये हो जाएंगे सब झमेले।
हो सके तो मुझे साथ ले ले।
सुख की दुख की है जीवन पहेली।
मान ले अपनी इसको सहेली।
है वही जीतता जो है खेले।
हो सके तो मुझे साथ ले ले।
खेल इक दिन तो मंजिल मिलेगी।
यह घड़ी दुख की भी तब टलेगी।
होंगे जीवन में खुशियों के मेले।
हो सके तो मुझे साथ ले ले।
10.28pm26 March 2025
धुन : रात भर का है महमा अँधेरा है |
आज सोचा तो आंसू भर आए।
Tu kahan ja raha hai akele.
Ho sake to mujhe saath le le.
Saath hoga, to dukh kam lagega.
Rasta bhi tujhe kam lagega.
Kyon akela hi sab dukh tu jhele.
Do ghadi ko mujhe saath le le.
Aaj dukh hai to kal sukh milega.
Waqt ke saath har dukh dhalega.
Kam ye ho jayenge sab jhamele.
Ho sake to mujhe saath le le.
Sukh ki dukh ki hai jeevan paheli.
Maan le apni isko saheli.
Hai wahi jeetata jo hai khele.
Ho sake to mujhe saath le le.
Khel ik din to manzil milegi.
Yeh ghadi dukh ki bhi tab talegi.
Honge jeevan mein khushiyon ke mele.
Ho sake to mujhe saath le le.