Punjabi version 2433
बड़ी चाहत है तुझे, मुझे बड़ी बड़ी खुशियांँ देने की।
पहले मेरी छोटी छोटी खुशियों की तो कद्र कर।
कहांँ सोचता है तू कभी भी मैं क्या चाहता हूंँ।
चुप रह जाया कर ।
जब गुस्सा आए, थोड़ा तो सबर् कर।
छोटी छोटी बातें तोड़ देती हैं किसी का दिल।
बुरा बोलने लगता है तो खुद को समझाया कर।
जब तू चला जाएगा तो बातें ही रह जाएंगी।
जाने लगता है जब वहांँ से , अच्छा बोल के जाया कर।
नहीं तो,
चुप रह जाया कर ।
5.16pm Feb 8 2023
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