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Wednesday, 8 February 2023

2284 चुप रह जाया कर

Punjabi version 2433

English version 3425

 बड़ी चाहत है तुम्हें, मुझे बड़ी बड़ी खुशियांँ देने की।

पहले मेरी छोटी छोटी खुशियों की तो कद्र कर।

कहांँ सोचते हो तुम कभी भी, कि क्या चाहत है मेरी।

बस इतनी....., चुप रह जाया कर ।

 जब गुस्सा आए, थोड़ा तो सब्र किया कर।

छोटी छोटी बातें तोड़ देती हैं  दिल किसी का ।

बुरा बोलने लगो कभी तो, खुद को समझाया कर।

जब तुम चले जाओगे तो बातें ही रह जाएंगी बस।

जाने लगो जब वहांँ से , अच्छा बोल के जाया कर।

नहीं तो,

चुप रह जाया कर।

5.16pm Feb 8 2023

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