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Monday, 31 August 2020

1390 बिछड़ मुझसे मीत गए

 ना जानूँ मैं कैसे वो सब जीत गए।

वह जीते तो ,बिछड़ मुझसे मीत गए।


कितना प्यार था एक दूजे से हमें।

पर पंख लगा कर दिन ये बीत गए।


इतना प्यार था एक दूजे से,मगर,

जाने कब कैसे वह मुझसे खीझ गए ।


छोड़ दिया साथ, और भूल गए वह प्यार।

एकदम, जैसे थे वह मुझ पर रीझ गए।

2.47pm 31 Aug 2020%

Sunday, 30 August 2020

1389 क्या हसीन रात है

 हम आज साथ साथ हैं ।

बहके हुए जज्बात हैं। 


क्या हसीन रात है।

हाथों में आज़ हाथ है।


तुम्हारे प्यार में डूबा कर। 

बह गया जज्बात में।


क्या बताऊं तुझको मैं।

धड़कनों में साज़ है।


आ जाओ मेरी बाहों में।

और कहें क्या बात है।

7.34pm 30 Aug 2020

Saturday, 29 August 2020

1388 तोड़ देंगे यार, जो भी जंजीर है(Sher o Shayri)

 तू मेरा हमदम तू ही ज़हीर( साथी)है।

बता मुझे तू किस बात से अधीर है ।


क्यों बैठा है तू यूँ चुपचाप सा ।

सुलझा लेंगे जो मसला गंभीर है।



उलझने सनम तेरी सुलझा के हम ।

तोड़ देंगे यार, जो भी जंजीर है।


खुला आसमान है तेरे आगे ।

ना समझना खुद को तू असीर(कैदी) है ।


सुलझ जाएंगी जब तेरी उलझनें सब।

फिर देखना जिंदगी का रंग अबीर(गुलाबी) है।

7.02pm 29 Aug 2020

Friday, 28 August 2020

1387 रूठ गए हैं हम ,क्यों अब हमें मनाते हो

 यादों में तुम, दिल के साज़ बजाते हो ।

क्या तुम भी,  हमें ख्वाबों में सजाते हो।


देखते हो जब प्यार से मेरी तरफ ।

तुम ऐसे ऐसे ख्वाब हमें दिखाते हो।


जब कह देते हैं हम ,पास आ जाओ ।

जाने क्यों तुम सौ बहाने बनाते हो।


प्यार है हमें तुमसे बस, कुछ और नहीं ।

फिर क्यों हम पर तोहमत तुम लगाते हो।


बात करो और सुलझा लो उलझन को ।

उठ ही गई है बात तो, क्यों दबाते हो।


आ ही गया ना सब सामने ,अब तो.. ।

रूठ गए हैं हम ,क्यों अब हमें मनाते हो।


6.55pm.28 Aug 2020

Thursday, 27 August 2020

1386 जमाने गुजर गए आज तक ना वह जमाने आए (Sher o Shayri)

 चाहा था , संग हमारे भी कोई समां बिताने आए।30

पर जमाने गुजर गए आज तक ना वह जमाने आए।



रुठे थे इसी आस में हम, कि वह चाहते हैं हमें।

करते रहे इंतजार पर वो ना हमें मनाने आए।


आज भी ना जाने दिल उसी को क्यों याद करता है ।

चला गया जो दिल तोड़कर ,  अब कब ना जाने आए।



चोट खाए बैठे थे दिल पे, चाहा मरहम लगाए कोई।

तोड़ कर चल दिए दिल जो, ना वो मरहम लगाने आए।



बैठे थे इंतजार में ,कि कोई तो आएगा गमख्वार ।

पर जो भी पास आए मेरे ,वो दिल को दुखाने आए।




बहुत कुछ देखा और, इम्तिहान दिए इस जिंदगी में मैने।

जिंदगी न जाने अब और क्या क्या दिन दिखाने आए।



दिल मेरा उठ गया जहान से ,चाहता हूँ  कि सो जाऊँ।

अब तो चाहत है मेरी,  अब ना कोई  जगाने आए।


12.44pm 27 Aug 2020


Wednesday, 26 August 2020

1385 बिन तेरे मेरा ,कहाँ गुजारा

 मुझे बस एक तेरा ही सहारा था। 

बिन तेरे मेरा ,कहाँ गुजारा था।


रात दिन कटता था, बस साथ तेरे ।20

तेरे बिन एक पल भी न गवारा था ।


तेरे हौंसले से जीता था जिंदगी ।

तू ही कश्ती , तू ही किनारा था ।


जलते थे लोग हमारे प्यार से।

जब साथ एक दूसरे को हमारा था।


आ जाते थे एकदम पास तुम्हारे  ।

जब होता तुम्हारा एक इशारा था।


जिंदगी मजे़ में थी साथ तुम्हारे ।

तुमसे बिछड़ कर बड़ा खसारा(नुकसान)था।


 बदल गई थी लकीरें किस्मत की।

 उलझनों ने यूँ पैर पसारा था ।


जब किस्मत ने छोडा़ साथ हमारा तो ।

हर किसी ने हर तरफ से नकारा था।


मुझे बस एक तेरा ही सहारा था। 

बिन तेरे मेरा ,कहाँ गुजारा था।


12.56pm 26 Aug 2020

Tuesday, 25 August 2020

1384 भूल जाना तुम मेरी खताओं को

 भूल जाना तुम मेरी खताओं को।

 ना याद रखना मेरी जफाओं को।


प्यार तुम्हीं से किया है हमने सनम।

न भूल पाएंगे तेरी अदाओं को।


तुमने दिया था बहुत प्यार हमको। 

न भूल पाएंगे तेरी वफाओं को।


दूरियों की चली फिर ऐसी आँधियांँ।

रोक ना पाए फिर उन हवाओं को।


दूर ले गईं हवाएं एक दूसरे को ।

रोकते भी कैसे उन फि़जा़ओं को।


अब तेरे लिए ही दुआ करते हैं ।

खुदा असर दे,मेरी दुआओं को।

2.42 pm 25 Aug 2020