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Friday, 7 April 2017

K400231 तुझे पता भी न चले (Tujhe pta bhi na chale)

Punjabi version 2480
English version 3164
तूने दिल दुखाया है मेरा, खुदा करे तुझे सज़ा न मिले।
एहसास ए ग़म मेरा तुझे, कुछ इस तरह से हो,
कि मिल रही है सज़ा, तुझे पता भी न चले।
तड़प जाए तू, दीदार हमारा करने को,
हम जी भर कर देख लें तुझे, और तुझे खब़र भी न लगे।
मेरे तीर नज़रों के, तेरे दिल को पार कर जाएं ।
के ज़ख्म भी हो, और कत्ल भी न हो।
तेरा दिल मुझे पुकारता रहे बार बार,
और मुझे ख़बर भी न लगे।
मेरे दिल की पुकार तेरे कानो में गूंँजे,
आवाज़ किधर से आ रही है, तुझे पता भी न चले।
11.20pm 14 Nov 1990
Tu Ne Dil Dukhaya Hai Mera, Khuda Kare Tujhe saza Na Mile.
ehsas e gum Mera Tujhe Kuch Is Tarah Se Ho,
Ki mil rahi hai Saja
Tujhe Pata Bhi Na chale.
Tadap jae tu didaar Hamara karne ko,
Hum Jee Bhar deklain Tujhe aur, Tujhe Khabar Bhi Na Ho.
Meri Nazron Ke Teer Dil Ko Paar kar Jaaye ,
ki zhakhum bhi ho,
 aur katal bhe na Ho.
 Tera Dil Mujhe Pukarta Rahe Baar Baar,
Aur mujhe khabar Bi na Lage.
Mere Dil Ki Pukar Tere Kano me Gunje,
Awaz kidhar se aa rahi hai tumhe pata Bhi Na chala.

Thursday, 6 April 2017

K400230 कला के रंग (Kala k Rang)

कला ने भर दिया दामन देखो,
किसी का इज़हार ए मोहब्बत से।

मोहब्बत का पैगाम भी दिया यार को,
और बच गया दामन दुनिया की तौहमत से।

अब तो रंग ही देते हैं दिलदार को , मेरी मोहब्बत का दिल का पैगाम।

चाहता है दिल,
यूंँ ही सफ़र उमर का, गुज़र जाए तमाम।

दुनिया तो जान नहीं पाती है,
रंगों की खामोश ज़ुबान।

मगर, यह दुनिया है,
कब तक रहेगी इस मोहब्बत से अनजान।

कभी तो राज़ इसका खुल ही जाएगा।
तब रंग अपना कमाल दिखाएगा।

लोगों का तो पसंदीदा रंग है लाल।
लहू से ही बना लेते हैं वो होली का गुलाल।

मोहब्बत क्या है? यह वो नहीं जानते।
दिलों की मजबूरियों को वो नहीं पहचानते।

काश! उनके दिल में भी मैं भर पाता,‌रंग प्यार का।
अगर ऐसा होता ,
तो कितना सुंदर होता ,रंग इस संसार का।
2.19pm 27OCT 1990
Kala ne Bhar diya  dekhi,
damman Kisi Ka Izhar E Mohabbat Se.

Mohabbat Ka Paigam bhe diya Yaar Ko,
Aur bache gya Daman Duniya Ki tohmat se.

Ab toh Rang hi dete hain Dildar Ko Mere Dil ka pegam.
Chahta Hai Dil ,yun Hi Safar umar Ka Guzar Jaaye tamaam.

Duniya to Jaan nahi pati hai Rango ki Khamosh Zubaan.
Magar ye Duniya Hai, kab tak Rahegi is Mohabbat Se Anjaan.

Kabhi to raj Khul hi Jayega.
Tab  Rung apna Kamal dikhayega.

Logon Ka Tuo Pasand -Di-Da Rang he Lal.
Lahu Se Hi Bana Lete Hain Wo Holi ka Gulal.

Mohabbat Kya Hai ? Ye vo Nahi Jante.
Dilo ki Majboori Ko Nahi PehchanTe.

 Kash un Ke Dil Main Bhi main bhr pata Rang Pyar Ka.
Agar aisa hota ,
Toh kitNa sunder Hota, Rang is Sansar ka. 

Wednesday, 5 April 2017

K400307 कुछ लिखूँ

क्या लिखें हम तुम्हें जाने जिगर,
तुम्हारी इक नजर पे हमारी जान चली।
कलम पकड़ी तो छूटी हाथ से,
न हाथ हिला,न कागज पर कलम चली।
सोचते रहे हम यही कि कुछ लिख दें,
जब लगे लिखने तो दास्तान चली।
सिलसिला जो चला तो चलता ही गया,
यूंँ ज़िंदगी में राग आया, यूंँ जिंदगी की तान चली।
307 7 Sept 1991

Kya likhe Hum Tumhe Jaane Jigar
Tumhari Ek Nazar Se Hamari Jaan Chali
Kalam Pakdi   chuoti Hath se
Na Hath hi Paya , Na Kagaz pe Kalam Chali.
Sochte Rahi Hum yhii Ki Kuch likh de,
Jab Lage likhne To Ye Dastan Chali
Silsila Jo Chala, to chalta hai Gaya.
Youn Zindagi Mein raag  Aaya,
You Zindagi Ki taan chali.

Tuesday, 4 April 2017

K400305 हो जाए जो प्यार (Ho Jae Jo Pyar)

हो जाए जो किसी से प्यार,
हम कर नहीं पाते हैं इज़हार।
शायद उनको भी गुमां हो जाता है ,
इश्क का हमारे।
बस, उठते नहीं जज़्बात।
रस्मे उल्फ़त के बारे में सोचते हैं,
तो वहीं रुक जाती है हर बात।
ज़माने के नियम पर चलें तो,
कभी न पाएंगे हम अपना प्यार।
यूंँ ही कट जाएगी जिंदगी तन्हा,
तड़प ही रह जाएगी, कि हो जाती बरसात।
305 23AUG 1991
Ho jae jo Kisi Se Pyar,
 Hum kar Nahi Pate Izhar.
Shayad unko bhi Ghuman Ho Jata Hai,
 Ishq Ka Hamare.
 Magar ,Shayad utdte nahi juzbat.
Rashme Ulfat ke baare me sochte hain
Tu wahi ruk Jaati Hai Har Baat.
Zamane Ke Niyam par Chale Toh,
 Kabhi Na Pa skenge Hum Apna Pyar.
Yunhe Cut Jayegi Zindagi Tanha,
Tadap Hi ReH Jayegi,
 ki Shayad kabhi hohi jai Barsaat

Monday, 3 April 2017

K400304 कर लो इकरार ( Kr Lo Ikraar)

छोड़ दे अपनी जिद्द ओ हुस्न वाले,
दे दे मेरे इश्क़ को अपना इकरार।
आज तुम जिस जिद्द पर अड़े हो,
शायद कल करने न दे वो तुम्हें इज़हार।
क्योंकि आज तुम्हें अपनी अदा पर नाज़ है,
कल जब न होगा दिल पर इख़्तियार,
जब दिल पर जोर न चलेगा,तब क्या करोगे।
मचलने लगेगा दिल में तुम्हारे ,हमारा प्यार।
304 23AUG 1991
Chhod De Apni JID O HUSAN wale,
 De De Mere Ishq Ho Apna iqrar.
Aaj Tum Jis JiD pe are Ho
Shayad kal karne Na De vo Tujhko Izhar,
Kyunki Aaj Tumhe apni ada per naz h,
Kal Jab Na Hoga Dil Par Ekhtyar,
Tum kya karoge Jab Dil Pe Apne Jor Na chalega,
Machalne Lage ga dil mein tumhare, Hamara Pyar .

Sunday, 2 April 2017

K400279 नया अफ़साना (Afsana)

ए दिल बना कोई नया अफ़साना और कर ब्यान।
क्यों नहीं छोड़ पाता तू उस बेदर्दी का ध्यान।
छोड़ उसे मिल जाएंगे तुझे कई और,
बन जाएंगे अफ़साने कई हजार।
तन्हाइयों से कुछ न होगा हासिल तुझे,
सुना है बिक जाती है उल्फ़त सरे बाजार।
तू क्या जाने बावफ़ा है या बेवफ़ा है वो,
मोहब्बत की तुमने, पर मिला न तुमको प्यार।
क्यों नहीं छोड़ पाता तू फिर, उस बेदर्दी का ध्यान,
ए दिल बना कोई नया अफ़साना और कर ब्यान।
279.  28 April 1991
Ey Dil ab toh kar de nya Koi Afsana Bayan
Kyun nahi Chod pata to us Bedardi Ka Dhyan.
Chor uSe, Mil Jayenge Tujhe kai aur,
Ban Jayenge ofsaanay kai hazar.
Tanhaiyon Se Kuch Na Hoga Haasil Tujhe,
Suna hai bik Jati Hai ullfat Sare Bazar.,
Tu kya Jaane Bewafa Hai ya Bawafa Hai Woh
Mohabbat ki tumne Par mila na Tumko Pyar.
Kyon nahi Chod Pata Tu uS bedardi Ka Dhyan,
Ey Dil ab toh kar de naya koi Afsana Bayan.

Saturday, 1 April 2017

K3 00224 तुम्हें अपना बना न सके (Tumhe apna bna na ske)

इक पल को भी तेरा साथ न मिला।
बहुत चाह कर भी शुरू हो न सका सिलसिला।
कभी किस्मत ने मेरा साथ न दिया।
पा तो न सके किस्मत ने और दूर कर दिया।
ज़माने को भी शायद मंजूर न होता।
अगर कोशिश करता और तुम्हें अपना बना भी लेता।
224 17Oct 1990
Ek pal ko bhi Tera Saath Na Mila
Bahut Chah kar bhe na shuru ho saka yai Silsila
Kabhi Kismat Ne Mera Saath Na Diya