Hindi version 2556
English version 3562
शुभ दिन है आया, खुशियाँ आईं आँगन में।
मिलकर सभी जश्न मनाएँ, चेहरे सबके गये हैं खिल।
वर्षों की आशा आज हुई पूरी, कोई ख़्वाहिश रही न अधूरी।
रब का आज शुक्र मनाऊँ, खुशियाँ आईं आँगन में।।
मिल-जुल बैठे संगी-साथी, लगे सभी हैं बातों में ।
दूर रहें सारी बलाएँ, खुशियाँ आईं आँगन में।।
7.12pm 11 Aug 2026

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