Followers

Friday, 21 August 2026

3572 महका आँगन सारा (हिंदी कविता)



बेटियाँ घर आईं, महका आँगन सारा।

मुरझाए फूल खिले, खिल उठा बगीचा सारा।


बेटियाँ होती हैं घर की रौनक और शान।

इनके बिन लगता है घर सूना-सुनसान।


सदा खुश रहें अपने घर जाकर।

यही अरमान रखें माता-पिता दिल में सँजोकर।


बेटियों की खुशी में माता-पिता खुशियाँ मनाएँ।

बेटियाँ अपने घर सदा हँसते-हँसते जाएँ।

9.16pm 21 Aug 2026


No comments: