बेटियाँ घर आईं, महका आँगन सारा।
मुरझाए फूल खिले, खिल उठा बगीचा सारा।
बेटियाँ होती हैं घर की रौनक और शान।
इनके बिन लगता है घर सूना-सुनसान।
सदा खुश रहें अपने घर जाकर।
यही अरमान रखें माता-पिता दिल में सँजोकर।
बेटियों की खुशी में माता-पिता खुशियाँ मनाएँ।
बेटियाँ अपने घर सदा हँसते-हँसते जाएँ।
9.16pm 21 Aug 2026




















