Punjabi version 2538
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हो रही हैं तरक्कियाँ।
ले रहे हैं सेल्फियाँ।
काम पता नहीं किया क्या।
चढ़ रहे हैं सीढ़ियाँ।
यारी करते यारों से।
करते रहते केई कमाल।
होती हर जगह धमाल।
करते जाओ गिनतियाँ।
सोचते रहो चाहे कितना।
सोचने से क्या होता है।
काम होता करने से ही ।
करो कितनी भी चालाकियाँ।
इधर-उधर झाँको मत।
अपने लक्ष्य पर नज़र रख।
अगर ज़िंदगी में लक्ष्य नहीं।
तो होंगी ज़िंदगी में बर्बादियाँ।
4.009pm 3 July 2026

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