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Saturday, 11 September 2021

1766 ग़ज़ल : जान बन के जो दिल में रहते हैं

 Punjabi version 2421

English version 3412

2122 1212 22

काफि़या हते Qafia hte

रदीफ़ हैं Radeef hain


जान बन के जो दिल में रहते हैं ।

वो कहां अपना मुझको कहते हैं ।


याद उनकी में हम तड़पते हैं  ।

आंख से आंसू भी तो बहते हैं ।


बढ़ती रहती है दिल की धड़कन ये।

 दर्द दिल  का भी हम तो सहते हैं ।


देखते हैं उन्हें ख्वाबों में ।

बाद में वो ख्वाब ढहते हैं।

4.01pm  10 September 2021