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क़ाफ़िया आता
रदीफ़ जाए
दिलों की दूरियों को अब मिटाया जाए।
हर इक इंसां यहाँ अपना बनाया जाए।
उम्र बढ़ती, रहो जो दोस्तों के संग।
चलो याराना दिल से फिर निभाया जाए।
खिलेंगे फूल ख़ुशियों के सदा आँगन।
धरा पर प्यार की धारा को बहाया जाए।
अँधेरे सब मिटेंगे ज़िंदगी के जो,
चलो इक आस का दीपक जलाया जाए।
हरिक कोना ही होगा ख़ूबसूरत सा,
अगर दस्तूरे उल्फ़त को निभाया जाए।
लगेगी ज़िंदगी कितनी हसीं ये फिर,
तराना मीठा सा कोई सुनाया जाए।
खुद ही ख़ुशियाँ आ आएँगी तेरी जीस्त में।
तराना प्यार का जो गीत गाया जाए।
3.39pm 6 Jan 2026

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