English version 3355
क्यों दुनिया है इतनी गुँधी सी।
लोगों में है घुसती रहती।
अपने काम से काम न रखती।
औरों को है देखती रहती।
यादों को तेरी मार भगाया।
फिर भी तुझको तरस न आया।
घुट-घुट कर मैं आधा हो गया।
फिर भी तुझको भुला न पाया।
डाल ले नज़रें मुझ पर प्यार की।
तुझे कसम है तेरे यार की।
दुनिया की नज़रों से बचकर।
दोनों बढ़ाएँ पींघ प्यार की।
पहले लोगों की नज़रों से बचकर।
आ जा, दोनों एक हो जाएँ।
फिर दुनिया की लाज छोड़कर।
प्यार हमें है, यह सबको बताएँ।
7.16pm 15 Jan 2026

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