Followers

Thursday, 1 October 2026

3312 अपनों के लिए जीना नहीं आता



 होते हैं कुछ लोग दूसरों के लिए जीने वाले।

अपनों के लिए जीना उन्हें नहीं आता।

कैसे बताऊँ शरीर से ही नहीं मन से भी सेवा होती।

लोग देखते हैं तुम्हें शरीर की सेवा करते माना।

अपने तोतो भावों के ही भूखे होते हैं।

उसपे कभी तुमने ध्यान न डाला।

जी लेना कभी अपनों के लिए भी।

क्योंकि अपने तो अपने होते हैं।

3.56pm 1 Oct 2026

No comments: