Followers

Thursday, 1 October 2026

3612 अपनों के लिए जीना नहीं आता


English version 3622

Punjabi version 3623

 होते हैं कुछ लोग दूसरों के लिए जीने वाले।

अपनों के लिए जीना उन्हें नहीं आता।

कैसे बताऊँ शरीर से ही नहीं मन से भी सेवा होती।

लोग देखते हैं तुम्हें शरीर की सेवा करते माना।

अपने तो भावों के ही भूखे होते हैं।

उसपे कभी तुमने ध्यान न डाला।

जी लेना कभी अपनों के लिए भी।

क्योंकि अपने तो अपने होते हैं।

3.56pm 1 Oct 2026

No comments: