Punjabi version 2921
पैग-वैग के गाने मशहूर हो गए,
हम सारे रिश्तों से दूर हो गए।
जो लगाता पैग, वही अपना लगता,
खून के रिश्तों को अब कौन पूछता।
खुशियाँ मनाते, कर कर शोर जी,
साथ वाला जानते न रहे किस ओर जी।
दूध पीने वाले नशे में चूर हो गए,
पैग-वैग के गाने मशहूर हो गए।
माँ-बाप रह गए अकेले बड़े घरों में,
भटकती जवानी बेसहारा सड़कों पे।
दाल-रोटी खाना आउटडेटेड हो गया,
जंक फूड सब पर हावी हो गया।
पिता की ज़मीन छोटी-छोटी हो गई,
लेकिन गाड़ियों वाले नाती-पोते हो गए।
माँ-बाप सोचते, क्या हमारी गलती हो गई,
क्यों लाडों से जो पाले इतनी दूर हो गए।
4.08pm 6 Nov 2024
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