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Monday, 31 May 2021

1663 कठिनाइयों से घबराना नहीं ।

आती है जिंदगी में कठिनाइयां कई ,

पर उन्हें देखकर घबरा  जाना नहीं ।

कदम बढ़ाते रहना तुम आगे , 

डर कर तुम रुक जाना नहीं ।


खेल खेलते जाना तुम ,

जीत तुम्हारी ही होगी ।

देख दूसरों के हौसले ,

अपना हौसला गिराना नहीं ।


तुम भी किसी से कम तो नहीं,

जिस माँ बाप ने दिया तुम्हें सब कुछ ,

रखना तुम सदा उनकी लाज,

उनका शीश झुकाना नहीं।


 तुम्हारी जीत उनकी जीत होगी,

 तुम्हारा मान होगा उनका मान ।

सर अपना रखना तुम ऊँचा,

उनका मान घटाना नहीं।

7.40pm 31 May 2021

Sunday, 30 May 2021

1662 मजबूत हो तुम यह लोग सह नहीं पाते ।

 मजबूत हो तुम यह दिखाना,

 लोग सह नहीं पाते ।

चुनी राह पर चलना आसान नहीं ,

सब कोशिश कर तुम्हें हैं डिगाते ।


जो मजबूत होता है उसकी ,

राहें होती है सबसे अलग ।

जो अपनी राह चुनते हैं सबसे अलग ,

सबसे अलग उनके विचार हैं होते ।


 उन सबसे तुम अलग हो ,

यह लोग सह नहीं पाते ।

जिस बात पर लोग रोते हैं ,उसी पर, 

तुम हंसते हो, वह सह नहीं पाते ।


सब अपने जैसे को करते पसंद सदा,

तुम कुछ हटके हो यह वह सह नहीं पाते ।

पर जिन्हें कुछ करना है अलग, तो ,

उनको यह लोग   डरा नहीं पाते।

 

तुम अपनी राह चलते चलो ,

हौंसला रखने वाले नहीं डर जाते।

जो डटे रहते हैं अपनी राहों पे वही ,

आखिर अपनी मंजिल है पाते।

6.51pm 30 May 2021

Saturday, 29 May 2021

1661 ਬਾਡੀਆ ਬਣਾਉਣ ਦੀਆਂ ਰੁੱਤਾਂ ਹੁਣ ਗਈਆਂ

 ਬਾਡੀਆ ਬਣਾਉਣ ਦੀਆਂ ਰੁੱਤਾਂ ਹੁਣ ਗਈਆਂ।

ਲਾਕਡਾਊਨ ਸੱਭ  ਦੀਆਂ,ਮੱਤਾਂ ਮਾਰ ਲਈਆਂ।

ਕੀ ਕਰੀਏ ਹੁਣ ਘਰ ਰਹਿ ਕੇ 

ਘਰ ਰਹਿ ਕੇ ਸਾਡੀਆਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਛੁੱਟ ਗਈਆਂ 

ਘਰ ਰਹਿ ਕੇ ਬੇਬੇ ਦੀਆਂ  ਗੱਲਾਂ ਬਹੁਤ  ਸਹੀਆਂ।

ਬਾਡੀਆਂ ਬਣਾਉਣ ...........



ਬਹਿ ਕੇ ਚੁਬਾਰੇ 'ਚ ਮੋਬਾਇਲ ਪਏ ਦੇਖਦੇ ।

ਦੂਰੋਂ ਦੂਰੋਂ ਹੁਣ ਪਏ  ,ਅੱਖਾਂ ਅਸੀਂ  ਸੇਕਦੇ ।

ਕੀ ਕਰੀਏ ਹੁਣ ਘਰ  ਬਹਿ ਕੇ ,

ਘਰ ਬਹਿਕੇ, ਸਾਰੀਆਂ ਫਰੈੰਡਾਂ ਭੁੱਲ ਗਈਆਂ।

 ਘਰ ਬਹਿ ਕੇ ਬਾਪੂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਬਹੁਤ ਸਹੀਆਂ  ।

ਬਾਡੀਆਂ ਬਣਾਉਣ .............



ਬੁਲਟ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਜਦੋਂ ਬੈਠਦੀ ਰਕਾਨੇ ਸੀ।

ਗੇੜੀ ਰੂਟ ਲਾਉਂਦੇ ਕਦੇ, ਉਹ ਵੀ ਜਮਾਨੇ 

ਸੀ।

ਕੀ ਕਰੀਏ ਹੁਣ ਘਰ  ਬਹਿ ਕੇ 

ਘਰ ਬਹਿ ਕੇ ਸਾਰੀਆਂ ਰਕਾਨਾਂ ਛੁੱਟ  ਗਈਆਂ।

ਘਰ ਬਹਿ ਕੇ ਭੈਣ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਬਹੁਤ ਸਹੀਆਂ  

ਬਾਡੀਆਂ ਬਣਾਉਣ ...........

7.08pm 29 ਮੇ 2021

Friday, 28 May 2021

1660 Gjazal: गज़ल : ये तोड़ देगी इश्क की आँधी मुझे

 2212 2212 2212

काफि़या : आ, Qafia Aa

रदीफ़ : है,Radeef : Hai

कैसी उदासी मन पे देखो छा गई ।

क्यों याद तेरी इस तरह तड़पा गई ।


खोया रहा यादों में तेरी रात भर ।

खुशबू तेरी जाने कहाँ से आ गई ।


ये तोड़ देगी इश्क की आँधी मुझे,

तूफान बन जो जिंदगी में आ गई।


माना सहारा आशिकी को ही मगर,

अंदर ही अंदर ये तो मुझको खा गई।


हम भूल बैठे जब कभी यादें तेरी ,

फिर छेड़ मेरा दिल मुझे बहला गई।

3.07pm  28 May 2021

Thursday, 27 May 2021

1659 आम आहा आम ..

 आम आहा आम ..

कहने को आम ,

पर कितना खास ।


आम..आहा आम ..

कच्चा तो खटमिठा, 

पक गया तो मिठास।


आम आहा आम..

खाते ही आम ,

अजब सा एहसास।


आम आहा आम..

कलमी, तोता ,सफेदा,

सबका अलग स्वाद।


आम ..आहा आम..

चौसा, दशहरी ,लंगड़ा,

कोई छोटा कोई तगड़ा ।


आम आहा आम 

कोई पीला,कोई चटकीला,

एक से एक रसीला।


आम आहा आम ..

है मीठा और रसीला ,

खाते ही गला हो गीला ।


आम आहा आम ..

कोई हरा, कोई लाल ,

पर है कमाल ।


आम आहा आम...

फल गर्मियों का ,

मजा सदियों का ।


आम आहा आम...

5.23pm 27 May 2021

Wednesday, 26 May 2021

1658 किसने तुझे हँसने से रोका है

 जी ले आज जी भर के तू ,

कल किसने यहाँ पर देखा है ।

हँसी के छोड़ फव्वारे ,

किसने तुझे हँसने से रोका है ।

झूम ले, गा ले तू ,मौज मना,

 दुनिया तो यहां धोखा है।

भीतर झाँक अपने खुश होकर ,

मिलता वही जो किस्मत में होता है ।

अपनी किस्मत बनाने वाला तू खुद है,

 किसी के कहने से क्या होता है।

4.10pm 26 May 2021

Tuesday, 25 May 2021

1657 तेरा यूँ उठ कर चले जाना

कुछ कहते ही तेरा, यूँ उठ कर चले जाना ।

बहुत तड़पाता है ,मुझे यूं तेरा उठकर जाना।


ऐसा क्या कह दिया हमने, जो तू यूँ सुन नहीं पाया, 

तड़पा जाता  है तेरा इस तरह बेरुखी दिखलाना।


हाय..जब तू बोलता है तो, जुबान तेरी रुकती नहीं,

मेरा कुछ कहते ही ,कान तेरा बंद हो जाना ।


क्यों दोगला है ये तेरा बर्ताव, क्यों तू समझ पाता नहीं ।

हाथ तेरे आएगा वही ,जो है यहाँ तूने  देकर जाना ।।


ठहर जा कुछ पल और सोच ले कुछ तो, क्या दिया  तूने,

जो दिया है आज तूने ,वही कल तुझे यहाँ से लेकर है जाना।

5.30pm 25 May 2021