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Friday, 4 April 2025

3070 The world turned cold (English poetry)


People now turn away, don’t even stay,

Whispering words they never used to say.


We loved with truth, we broke no law,
Yet they twist it all, and find a flaw.


They preach of love, of peace and grace,
But mock us now, right to our face.


Since we gave our hearts, the world turned cold,
Their eyes grow sharp, their words grow bold.

They call love sacred, like a prayer,
Yet treat it wrong, so cold, unfair.


This world can’t stand the love we show,
It hurts us more than we let them know.

They try to kill love’s gentle flame,
But none can end this holy name.


We’re angels of love, oh listen dear,
Why has hatred come so near?

4.32pm 4 April 2025

Thursday, 3 April 2025

3069 ग़ज़ल :'गीत' कुछ बताओ तो Ghazal : 'Geet' kuch batao to


 212 12 12 212 1212

क़ाफ़िया आने 

रदीफ़ लगे हैं लोग सब

मुंँह फेर करके जाने लगे हैं लोग सब।

जाने क्या ये बुदबुदाने लगे हैं लोग सब।

प्यार हमने है किया, है किया गुनाह नहीं। 

बातें ऐसी क्यों बनाने लगे हैं लोग सब। 

इक तरफ सभी कहें, प्यार से रहो सभी।

है किया तो देने ताने लगे हैं लोग सब।

जब से दिल लगाया दुश्मन बना जमाना ये।

दिल यहांँ वहांँ दुखाने लगे हैं लोग सब।

प्यार को कहें इबादत खुदा की लोग फिर।

क्यों नजर से यूंँ गिराने लगे हैं लोग सब।

प्यार अपना रास आया ना इस ज़माने को।

बात-बात पर सताने लगे हैं लोग सब।

अब किसी के भी बुझाए न बुझ सकेगी ये।

प्यार की जो लौ बुझाने लगे हैं लोग सब।

प्यार के फ़रिश्ते हम 'गीत' कुछ बताओ तो।

क्यों यह दुश्मनी निभाने लगे हैं लोग सब।

12.38pm 3 April 2025

इस बहर कर फिल्मी गीत और नगमे 

दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा 

झूमती चली हवा याद आ गया कोई 


Qaafiya aane
Radeef lage hain log sab


Munh fer karke jaane lage hain log sab.
Jaane kya ye budbudane lage hain log sab.


Pyaar humne hai kiya, hai kiya gunaah nahi.
Baaten aisi kyon banane lage hain log sab.

Ik taraf sabhi kahein, pyaar se raho sabhi.
Hai kiya to dene taane lage hain log sab.


Jab se dil lagaya dushman bana zamaana ye.
Dil yahan wahan dukhane lage hain log sab.

Pyaar ko kahein ibaadat khuda ki log phir.
Kyon nazar se yun giraane lage hain log sab.


Pyaar apna raas aaya na is zamaane ko.
Baat-baat par satane lage hain log sab.

Ab kisi ke bhi bujhaaye na bujh sakegi ye.
Pyaar ki jo lau bujhane lage hain log sab.


Pyaar ke farishte hum 'Geet' kuch batao to.
Kyon yeh dushmani nibhaane lage hain log sab.


Wednesday, 2 April 2025

3068 ਗ਼ਜ਼ਲ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ

   


Hindi version 3066
English version 3067
122 122 122 122

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆ

 ਰਦੀਫ਼ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ

ਇੱਥੇ ਕਿਉਂ ਹੈ ਬੈਠਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

ਤੂੰ ਕੀ ਸੋਚੀ ਜਾਂਦਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਇਹ ਹੈ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇਕ ਅਨੋਖੀ ਪਹੇਲੀ,

ਨਾ ਹੱਲ ਹੋ ਸਕੁਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕਈ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਖੜੀਆਂ ਸਨਮੁਖ ਨੇ ਤੇਰੇ।

ਕਿਵੇਂ ਤੂੰ ਲੜੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਬਣਾ ਹਮਸਫ਼ਰ ਲੈ ਤੂੰ ਆਪਣਾ,

ਤੂੰ ਕਿੰਨਾ ਚਲੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

 

ਜੋ ਲੈ ਸਾਥ ਆਪਣੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਚਲੇਗਾ।

ਤਾਂ ਡਰ ਵੀ ਰਹੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਕੋਈ ਨਾਲ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਰਾਹ ਹੋਏ ਸੋਖਾ,

ਤੂੰ ਹੁਣ ਛੱਡ ਦੇ ਚਲਣਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਜਦੋਂ ਦੋ ਨੇ ਮਿਲਦੇ ਗਯਾਰਾਂ ਨੇ ਬਣਦੇ। 

ਨਾ ਕੁਝ ਵੀ ਬਣੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।


ਬਣਾ ਹਮਸਫ਼ਰ 'ਗੀਤ' ਆਪਣਾ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ।

ਨਾ ਕੁਝ ਵੀ ਮਿਲੇਗਾ ਇਕੱਲੇ ਇਕੱਲੇ।

3.12pm 2 April 2025

Tuesday, 1 April 2025

3067 Find a companion (English Poetry)


Hindi version 3066
Punjabi version 3068
Why are you sitting so lonely and still?

Tell me, what thoughts your heart tries to fill?

This life is a puzzle, so tricky, so deep,
Alone, its secrets you never can keep.

So many troubles stand in your way,
How will you fight them alone every day?

Find someone dear, a friend true and bright,
How long will you walk alone in the night?

If someone walks with you side by side,
Then fear will not in your heart reside.

With company, roads feel easy to tread,
So leave this path where you're lonely and sad.

Two make eleven, much stronger than one,
Alone, my friend, nothing is done.

So 'Geet,' go find a companion to stay,
For nothing is gained by walking this way.

6.29pm 1 April 2025

Monday, 31 March 2025

3066 Ghazal ग़ज़ल: अकेले अकेले Akele Akele


Punjabi version 3068
English version 3067
    
 122 122 122 122

क़ाफ़िया आ

रदीफ़ अकेले-अकेले

यहां क्यों है बैठा अकेले-अकेले। 

बता सोचता क्या अकेले-अकेले।

ये जीवन बना इक है मुश्किल पहेली।

ना सुलझा सकेगा अकेले-अकेले।

कई मुश्किलें सामने जो हैं तेरे

तू कैसे लड़ेगा अकेले-अकेले।

बना हमसफर तू किसी को तो अपना। 

तू कब तक चलेगा अकेले-अकेले। 

जो ले साथ अपने किसी को चलेगा। 

तो फिर डर रहेगा अकेले अकेले। 

कोई साथ हो रास्ता लगता आसान। 

तू अब छोड़ चलना अकेले-अकेले।।

मिलें दो जो तब बन ग्याराह हैं जाते।

नहीं कुछ है बनता -अकेले अकेले।

बना हमसफर 'गीत' अपना किसी को।

नहीं कुछ मिलेगा अकेले-अकेले। 

10.56pm 26 March  2025


Qafiya aa
Radif: Akele-Akele

Yahan kyon hai baitha akele-akele?
Bata sochta kya akele-akele?

Ye jeevan bana ek hai mushkil paheli,
Na suljha sakega akele-akele.

Kayi mushkilein saamne jo hain tere,
Tu kaise ladega akele-akele?

Bana humsafar tu kisi ko toh apna,
Tu kab tak chalega akele-akele?

Jo le saath apne kisi ko chalega,
Toh phir dar rahega akele-akele.

Koi saath ho, raasta lagta aasan,
Tu ab chhod chalna akele-akele.

Milen do jo tab ban gyaarah hain jaate,
Nahi kuch hai banta akele-akele.

Bana humsafar 'Geet' apna kisi ko,
Nahi kuch milega akele-akele.

इस बहर पर कुछ मशहूर फिल्मी नगमे और गीत 


 ये महलों ते तख्तों ये ताजों की दुनिया

 मुझे प्यार की ज़िंदगी देने वाले

 जिन्हें नाज़ था हिन्द पे वो कहाँ जाएँ |

 इशारों इशारों में दिल लेने वाले 

 तुम्हें प्यार करते हैं करते रहेंगे 

 मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोये 

संभाला है मैंने बहुत अपने दिल लो |

Sunday, 30 March 2025

3065 Where are you going all alone? (English poetry)


Sh.Kuldeep Chandigarh Agnihotri 

(Executive Chairman)

Haryana Sahitya and Sanskriti Academy 


Hindi version 3063
Punjabi version 3064
 Where are you going all alone?

Take me with you, don’t be on your own.


With a friend, your pain will be light,
The road will seem shorter, the world more bright.
Why bear the sorrow, why just you?
Take me with you, I’ll walk with you.



If there's sorrow today, joy will appear,
With time, all troubles will disappear.
Storms will pass, the sky will be blue,
Take me with you, I’ll walk with you.



Life is a puzzle of joy and pain,
Take it as a friend, don’t complain.
Only the one who plays will gain,
Take me with you, through sun and rain.



Play the game and reach your goal,
Hard times will pass, just make them roll.
One day, happiness will come true,
Take me with you, 'Geet’ll walk with you.

Geet will walk with you. 

Geet' will walk with you.

6.06pm 30 March 2025

Saturday, 29 March 2025

3064 ਗਾਣਾ : ਹੋ ਸਕੇ 'ਗੀਤ' ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ


 Hindi version 3063
English version 3065
212 212 212 2 


ਤੂੰ ਕਿੱਥੇ ਜਾ ਰਿਹਾ ਏ ਇਕੱਲੇ।

ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ, ਮੈਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ।


ਸਾਥ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦੁਖ ਘਟ ਹੈ ਲਗਦਾ।

ਸਤਿਗੁਰੂ ਹਸਤਾ ਵੀ ਫਿਰ ਘਟ ਹੈ ਲਗਦਾ।

ਕਿਉਂ ਇਕੱਲਾ ਹੀ ਸਭ ਦੁੱਖ ਤੂੰ ਝੱਲੇ।

ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ, ਮੈਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ।


ਅੱਜ ਹੈ ਦੁੱਖ, ਕੱਲ੍ਹ ਨੂੰ ਸੁੱਖ ਆ ਜਾਵੇਗਾ।

ਵੇਲਾ ਆਉਗਾ, ਦੁੱਖ ਮਿਟ ਜਾਵੇਗਾ।

ਘੱਟ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਸਾਰੇ ਝਮੇਲੇ।

ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ, ਮੈਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ।


ਸੁੱਖ ਤੇ ਦੁੱਖ ਦੀ ਏ ਜੀਵਨ ਪਹੇਲੀ।

ਮੰਨ ਲੈ ਸਤਿਗੁਰ ਨੂੰ ਆਪਣੀ ਸਹੇਲੀ।

ਜਿੱਤ ਹੈ ਉਸ ਦੀ ਜੋ ਇਸਨੂੰ ਹੈ ਖੇਲੇ।

ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ, ਮੈਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ।

 

ਤੈਨੂੰ ਮੰਜ਼ਿਲ ਜੋ ਇੱਕ ਦਿਨ ਮਿਲੇਗੀ।

ਦੁੱਖ ਦੀ ਆਈ ਘੜੀ ਵੀ ਟਲੇਗੀ।

ਫੇਰ ਲੱਗਣਗੇ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਦੇ ਮੇਲੇ।

ਹੋ ਸਕੇ 'ਗੀਤ' ਨੂੰ ਨਾਲ ਲੈ ਲੈ।

11.00am 28 March 2025

Friday, 28 March 2025

3063 Gana : गाना हो सके तो मुझे साथ ले ले (Ho sake to mujhe saath le le.)


 Sangeeta Natak Academy Awardee (2019) 
Dr.Shobha Kosar

Punjabi version 3064
English version 3065

 212 212 212 2

तू कहां जा रहा है अकेले। 

हो सके तो मुझे साथ ले ले।


साथ होगा, तो दुख कम लगेगा। 

रास्ता भी तुझे कम लगेगा।

क्यों अकेला ही सब दुख तू झेले।

हो सके तो मुझे साथ ले ले।


आज दुख है तो कल सुख मिलेगा। 

वक्त के साथ हर दुख ढलेगा।

कम ये हो जाएंगे सब झमेले।

हो सके तो मुझे साथ ले ले।


सुख की दुख की है जीवन पहेली। 

मान ले अपनी इसको सहेली। 

है वही जीतता जो है खेले।

हो सके तो मुझे साथ ले ले।


खेल इक दिन तो मंजिल मिलेगी। 

यह घड़ी दुख की भी तब टलेगी।

होंगे जीवन में खुशियों के मेले। 

हो सके तो मुझे साथ ले ले।

10.28pm26 March 2025

 धुन : रात भर का है महमा अँधेरा है |

        आज सोचा तो आंसू भर आए।

 Tu kahan ja raha hai akele.

Ho sake to mujhe saath le le.

Saath hoga, to dukh kam lagega.

Rasta bhi tujhe kam lagega.

Kyon akela hi sab dukh tu jhele.

Do ghadi ko mujhe saath le le.


Aaj dukh hai to kal sukh milega.

Waqt ke saath har dukh dhalega.

Kam ye ho jayenge sab jhamele.

Ho sake to mujhe saath le le.


Sukh ki dukh ki hai jeevan paheli.

Maan le apni isko saheli.

Hai wahi jeetata jo hai khele.

Ho sake to mujhe saath le le.


Khel ik din to manzil milegi.

Yeh ghadi dukh ki bhi tab talegi.

Honge jeevan mein khushiyon ke mele.

Ho sake to mujhe saath le le.


 

Thursday, 27 March 2025

3062 ਪੰਜਾਬੀ ਗ਼ਜ਼ਲ ਖੁਦ ਨੂੰ ਜੋੜਦਾ ਰਿਹਾ

 



212 1212 212 1212

ਕਾਫੀਆ ਓੜਦਾ

ਰਦੀਫ਼ ਰਿਹਾ

ਬਣ ਕੇ ਯਾਰ ਉਹ ਮੇਰਾ ਮੈਨੂੰ ਤੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।

ਟੁੱਟ ਕੇ ਹਰ ਹੀ ਵਾਰ ਮੈਂ ਖੁਦ ਨੂੰ ਜੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


ਉਹ ਨਹੀਂ ਤੇਰਾ ਸਨਮ, ਯਾਰ ਉਸਨੂੰ ਛੱਡ ਦੇ।

ਹਰ ਦਫਾ ਇਹ ਖੁਦ ਨੂੰ ਕਹਿ ਮੈਂ ਝਿੰਝੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


ਸਾਫ਼ ਦਿਲ ਤੇਰਾ ਕਦੇ ਓਸ ਵੇਖਿਆ ਹੀ ਨਾ।

ਉਹ ਤਾਂ ਵਾਂਗ ਫੁੱਲ ਦੇ ਤੈਨੂੰ ਮਰੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


ਕੀਤਾ ਕੰਮ ਕੁਝ ਨਹੀਂ, ਹਾਰ ਜਦ ਮਿਲੀ ਤਾਂ ਫਿਰ।

ਹਾਰ ਦਾ ਉਹ ਠੀਕਰਾ ਤੇਰੇ ਤੇ ਫੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


ਸਾਥ ਦਿੱਤਾ ਉਸਦਾ ਤੂੰ ਹਰ ਇੱਕ ਹੀ ਮੋੜ ਤੇ।

ਦਾਅ ਜਦੋਂ ਵੀ ਲੱਗਿਆ ਉਹ ਨਿਚੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


ਉਹ ਤੇਰਾ ਨਹੀਂ ਸੀ ਜੋ ਸੀ ਖ਼ੁਆਬ ਤੂੰ ਪਾਲਿਆ।

ਉਸ ਵਲ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਤੂੰ ਕਿਉਂ ਇਹ ਮੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


‘ਗੀਤ’ ਜਾਣਦੀ ਸੀ ਕਿ ਉਹ ਹੈ ਦੂਰ ਹੋ ਰਿਹਾ।

ਧਿਆਨ ਉਸ ਨਾ ਦਿੱਤਾ, ਸਾਥ ਛੋੜਦਾ ਰਿਹਾ।


4.45pm 27 March 2025


ਦੋਸਤ ਦੋਸਤ ਨਾ ਰਹਾ ਪਿਆਰ ਪਿਆਰ ਨਾ ਰਹਾ 

ਜਿੰਦਗੀ ਹਮੇਂ ਤੇਰਾ ਐਤਬਾਰ ਨਾ ਰਹਾ

Wednesday, 26 March 2025

3061 He shattered me (English poetry)


He came as a friend but broke me apart,

Each time I shattered, I fixed my heart.

He was never mine, so let him go,
Yet I shook myself to tell me so.

He never saw my heart so true,
Crushed me like a flower and threw.

He did no work, yet when he lost,
Blamed me for the heavy cost.

At every turn, I stood so tall,
Yet he drained me after all.

He was never mine, a dream so bright,
Why turn my life towards that night?

Geet knew he’d drift away,
And he left her, day by day.

5.55pm 26 March 2025

Tuesday, 25 March 2025

3060 ग़ज़ल खुद को जोड़ता रहा


 212 1212 212 1212

क़ाफ़िया ओड़ता

रदीफ़ रहा

बनके यार वो मेरा मुझको तोड़ता रहा।

टूटकर हर इक दफा खुद को जोड़ता रहा।

वह बने नहीं तेरे, यार उसको छोड़ दे।

हर दफा ये खुद कह, मैं झिंझोड़ता रहा।

साफ दिल तेरा कभी वह तो देख पाया ना।

तुझको फूल की तरह वो मरोड़ता रहा।

काम कुछ किया नहीं हार जब मिली उसे।

हार का वो ठीकरा तुझपे फोड़ता रहा।

साथ उसका तो दिया तूने हर ही मोड़ पर।

दाँव जब लगा, तुझे वो निचोड़ता रहा।

वो तेरा नहीं था जो, ख़्वाब तूने पाला था।

उस तरफ ये जिंदगी क्यों तू मोड़ता रहा।

'गीत' जानती थी वो दूर उससे हो रहा।

ध्यान उसने ना दिया साथ छोड़ता रहा।

11.00pm 25 March 2025 

दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा 

जिंदगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा

Monday, 24 March 2025

3059 ਗ਼ਜ਼ਲ ਗੁਲਾਬੀ ਅੱਖਾਂ


 2122 1122 1122 22(112)ौ

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆਬੀ

ਰਦੀਫ਼ ਅੱਖਾਂ


ਰੋਜ਼ ਮੈਨੂੰ ਹੀ ਜਗਾਉਂਦੀਆਂ ਗੁਲਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।

ਹੋਸ਼ ਸਾਰੇ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਦੀਆਂ ਸ਼ਰਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਚੁੱਪ ਹੀ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਦਿਲ ਹਾਲ ਬਯਾਨ ਕਰਦਾ ਕਿਵੇਂ,

ਸਾਮ੍ਹਣੇ ਆ ਜਦ ਏ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨਵਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਤੇਰੇ ਦਿਲ ਦਾ ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਤੇ ਹੈ ਸਭ ਕੁਝ ਲਿਖਿਆ ,

ਪਰ ਪੜ੍ਹਨ ਏ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੀਆਂ ਨੇ ਕਿਤਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਕਹਿ ਸੀ ਦਿੱਤਾ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਲ ਜੋ ਛੁਪਾਇਆ ਹੁਣ ਤਕ,

ਹਾਲ ਕੀ ਹੋਵੇ ਜੋ ਬੋਲਣ ਏ ਜਵਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਏਂ ਤਾਂ ਸਭ ਹਾਲ ਸੀ ਮੈਂ ਸੋਚ ਕੇ ਦਸੀਆ ਉਸ ਨੂੰ,

ਸੋਚਣਾ ਜੋ ਹੈ, ਓ ਸੋਚਣ ਏ ਹਿਸਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਦੇਖ ਕੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ, ਕਦੇ ਜੀਉਂਦਾ, ਕਦੇ ਮਰਦਾ ਹਾਂ।

ਜੀਣ ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੀਆਂ ਇਹ ਹਿਜਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਉਹ ਨਜ਼ਰ ਮਾਰਦੀ ਐਸੀ, ਕਰੇ ਸਭ ਨੂੰ ਘਾਇਲ,

ਵੇਖੀਆਂ ਤੂੰ ਵੀ ਕਦੇ ਕਰਦੀਆਂ ਖ਼ਰਾਬੀ ਅੱਖਾਂ।


ਮਰ ਹੀ ਮੈਂ ਜਾਂਦਾ ਸਹੇ ਜਾਂਦੇ ਨਾ ਦੁਨਿਆ ਦੇ ਸਿਤਮ ,

‘ਗੀਤ’ ਨੂੰ ਜੀਣਾ ਸਿਖਾਉਂਦੀਆਂ ਰੁਆਬੀ ਅੱਖਾਂ।

12.01pm 24 March 2025

कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया

Sunday, 23 March 2025

3058 Rosy eyes (English poetry)


 

Rosy eyes wake me every night,

Drunken gaze steals my senses bright.

Silent I stand, words fade away,
When royal eyes cross my way.

Your heart is written on your face,
Yet bookish eyes hide every trace.

I spoke my heart, revealed it all,
What if those eyes now make a call?

I thought before I told my tale,
Now judging eyes will set my scale.

At times they make me live, then die,
Veiled eyes don’t let me fly.

One sharp glance, hearts go weak,
Have you seen eyes play their trick?

The world’s cruelty breaks me apart,
Yet noble eyes teach me to restart.

11.40pm 23 March 2025

Saturday, 22 March 2025

A+3057 ग़ज़ल आंँखें

 


2122 1122 1122 22(112)

क़ाफ़िया आबी

रदीफ़ आंँखें

रोज़ ही मुझको जगाती हैं गुलाबी आंँखें। 

होश सारे लिए जाती हैं शराबी आंँखें।


चुप सी लग जाती है दिल हाल बयान कैसे करे।

सामने आती हैं जब मेरे नवाबी आंँखें।


सब लिखा हाल तेरे दिल का तेरे चेहरे पर।

हाल पढ़ने नहीं देती ये किताबी आंँखें।


कह दिया हाल है दिल का जो छुपा रख्खा था ।

हाल क्या होगा जो बोलेंगी जवाबी आंँखें।


यूँ तो सब सोच के बोला है उसे हाल ए दिल।

सोचना अब जो है सोचें वो हिसाबी आंँखें।


देख के इनको कभी जीता, कभी मरता हूँ।

जीने मुझको नहीं देती ये हिजाबी आँखें।


वह नज़र फैंके हैं ऐसे, करें घायल सब को।

तूने देखी कभी करती यूँ खराबी आंँखें।


मैं तो मर ही यहांँ जाता सह के दुनिया के सितम।

'गीत' को जीना सिखाती है रुआबी आंँखें।

8.53am 21 March 2025

Friday, 21 March 2025

3056 My heart’s in pain (English poetry)


Hindi version 3052

Punjabi version 3054

Since our eyes met, my heart’s in pain,

A restless storm, like endless rain.


With drinks aside, I lose my mind,
In thoughts of you, I'm left behind.


If sorrow hides within your eyes,
Then tell me, love, what makes you cry?


Why does your face look lost, so blue?
What pain is taking hold of you?


You left my side, embraced the rest,
While I am hurt, you live your best.


You laugh and dance, while I just weep,
Your love still haunts me in my sleep.


I drown in grief, no joy in sight,
My world is dark, there's no more light.


Where once was love, there's only pain,
No happiness, just tears remain.


Whoever I loved has walked away,
Leaving my heart to break each day.


The world feels cold, the winds feel strange,
Like fate itself has turned and changed.


My life just flows like silent streams,
Wrapped in my songs, wrapped in my dreams.


If you would read, you'd surely see,
These verses hold my agony.


You broke Geet's trust, you walked away,
With someone new, so far astray.


But is it true, or is it lies?
The words I hear, the whispered cries?

5.09pm 21 March 2025

Thursday, 20 March 2025

3055 Tears turned into a flowing stream (English poetry)


Hindi version 3051
Punjabi version 3053
How is life passing by these days,

Why is he so cold in so many ways?


I’m trapped in love, lost and bound,
This love won't let me live — I’m drowning down.

Hiding pain has become so tough,
Why is this phase so dark and rough?


These tears have turned into a flowing stream,
A broken heart lost in a fading dream.

I gave my all, but he chose someone new,
What can I say? Friendships feel so untrue.


Once I was his life, now he’s far away,
What made him a stranger, I can't say.

He once couldn’t spend a day without me,
Now he mocks me with careless glee.


He’s fallen so low just to make me cry,
Befriending those he swore to deny.

The bond we made was meant to stay,
Now he's pushing me far away.


What he promised, he’s tearing apart,
Why is he playing games with my heart?

Wednesday, 19 March 2025

3054 ਗ਼ਜ਼ਲ ਅੱਜਕੱਲ


 1222 1222 1222 1222:

ਕਾਫ਼ੀਆ : ਈ

ਰਦੀਫ਼: ਅੱਜਕੱਲ 

ਲੜੀ ਸੀ ਅੱਖ ਕਿਸੇ ਵੇਲੇ, ਤੜਪ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਉੱਠੀ ਅੱਜਕੱਲ।

ਹੈ ਮਿਲਿਆ ਮਯਕਦੇ ਦਾ ਸਾਥ ਛਾਈ ਬੇਖੁਦੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਕੀ ਹੋਇਆ ਦੱਸ , ਜੋ ਗਮ ਤੈਨੂੰ, ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਸਾਂਝ ਕਰ ਤੂੰ ਯਾਰ।

ਕੀ ਹੋਇਆ ਕਿਉਂ ਇਹ ਦੱਸ ਛਾਈ, ਤੇਰੇ ਮੁੱਖ ਤੇ ਗਮੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਓ ਛੱਡ ਮੈਨੂ, ਕਿਸੇ ਵੀ ਗੈਰ ਦੀ ਬਾਵਾਂ ਚ'।

ਮਜ਼ੇ ਓ ਕਰ ਰਹੇ,ਪਰ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਮੇਰੀ ਥਮੀ ਅੱਜਕੱਲ।

ਗਮਾਂ ਵਿੱਚ ਘੁਲ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ,ਜਿਉਣਾ ਰਾਸ ਆਵੇ ਨਾ।

ਨਹੀਂ ਦਿਸਦੀ ਕਿਤੇ ਵੀ ਹੁਣ ਕੋਈ ਮੈਨੂੰ ਖੁਸ਼ੀ ਅੱਜਕੱਲ।


 ਚਲਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਛੱਡ ਮੈਨੂੰ ਜਿਹਨੂੰ ਵੀ ਚਾਹੁਣ ਮੈਂ ਲੱਗਾਂ।

ਹੈ ਕੈਸਾ ਦੌਰ ਕਿਸ ਪਾਸੇ ਹਵਾ ਜਾਂਦੀ ਵਹੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਗੁਜ਼ਰ ਕਿੱਦਾਂ ਰਹੀ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਮੇਰੀ ਮੈਂ ਕੀ ਦੱਸਾਂ ।

ਜੋ ਪੜ੍ਹਨਾ ਚਾਹੰਦੇ ਹੋ, ਪੜ੍ਹ ਗ਼ਜ਼ਲ ਜਿਹੜੀ ਲਿਖੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਦੇ ਧੋਖਾ 'ਗੀਤ' ਨੂੰ, ਓਹ ਚੱਲ ਪਏ ਨੇ ਗੈਰ ਦੇ ਹੁਣ ਨਾਲ।

ਇਹ ਸੱਚ ਦੱਸ ਤੂੰ, ਕਿ ਸੱਚ ਹੈ ਗੱਲ, ਜੋ ਇਹ ਹੈ ਚੱਲ ਰਹੀ ਅੱਜਕੱਲ।

4.30pm 19 March 2025

Tuesday, 18 March 2025

3053 ਗ਼ਜ਼ਲ ਬਣੀ ਏ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀ ਦੀ ਧਾਰ ਵੇਖੋ ਇਕ ਨਦੀ ਅੱਜਕੱਲ

।      ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦਾ ਜੱਦੀ ਘਰ 


 ਬਹਰ: 1222 1222 1222 1222

ਕਾਫ਼ੀਆ: ਈ

ਰਦੀਫ਼: ਅੱਜਕੱਲ


ਨਜਾਣੇ ਕੱਟ ਰਹੀ ਕਿੱਦਾਂ ਮੇਰੀ ਇਹ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਅੱਜਕੱਲ।

ਨਿਭਾਈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਉਹ ਨਾਲ ਮੇਰੇ ਬੇਰੁਖ਼ੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਨਾ ਪੁੱਛੋ ਪਿਆਰ ਕਰਕੇ ਜਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਫਸ ਗਿਆ ਉਸਦੇ।

ਨਹੀ ਹੈ ਜੀਣ ਦਿੰਦੀ ਹੁਣ ਇਹ ਮੈਨੂੰ ਆਸ਼ਿਕੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਕਿਹਾ ਇਹ ਦੌਰ ਆਇਆ ਹੋ ਗਿਆ ਮੁਸ਼ਕਲ ਛੁਪਾਣਾ ਗਮ।

ਬਣੀ ਏ ਹੰਝੂਆਂ ਦੀ ਦੀ ਧਾਰ ਵੇਖੋ ਇਕ ਨਦੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਲੁਟਾਇਆ ਜਿਸ ਤੇ ਸਭ ਆਪਣਾ ਉਹ ਬਣਿਆ ਹੋਰ ਦਾ ਹੈ ਹੁਣ।

ਕੀ ਕਹੀਏ ਹੁਣ, ਬੜੀ ਹੈ ਮਤਲਬੀ ਏ ਦੋਸਤੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਸੀ ਕੱਲ ਤਕ ਜਾਨ ਜਿਸਦੀ , ਓ ਬੈਠਾ ਉਹ ਦੂਰ ਜਾ ਕੇ ਅੱਜ।

ਕੀ ਹੋਈ ਗੱਲ ਉਹ ਕਿਉਂ ਹੈ ਵਾਂਗ ਰਹਿੰਦਾ ਅਜਨਬੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਬਿਨਾ ਮੇਰੇ ਨਾ ਕੱਟਦੇ ਸੀ ਕਦੇ ਵੀ ਰਾਤ ਦਿਨ ਜਿਸਦੇ।

ਸਤਾਉਂਦਾ ਮੈਨੂੰ ਰੱਜ ਕੇ ਕਰ ਰਿਹਾ ਓਹ ਦਿਲਲਗੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਸਤਾਉਣਾ ਚਾਹੰਦਾ ਸੀ ਮੈਨੂੰ ਇਸ ਵਿੱਚ ਗਿਰ ਗਿਆ ਐਨਾ 

ਸੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਦੁਸ਼ਮਨੀ, ਹੁਣ ਕਰ ਰਿਹਾ ਇਹ ਦੋਸਤੀ ਅੱਜਕੱਲ।


ਉਹ ਕਹਿੰਦੇ ਸੀ ਨਾ ਤੋੜਾਂਗੇ ਜੋ ਆਪਣਾ ਬਣ ਗਿਆ ਰਿਸ਼ਤਾ।

ਉਹੀ ਵੇਖੋ ਨਿਭਾਉਂਦਾ ‘ਗੀਤ’ ਨਾਲ ਹੁਣ ਦੁਸ਼ਮਨੀ ਅੱਜਕੱਲ।

4.26pm 18 March 2025

Monday, 17 March 2025

3052 ग़ज़ल आजकल


 1212 1212 1212 1212

क़ाफ़िया ई

रदीफ़ है आजकल

नज़र मिली ये तबसे ही तड़प उठी है आजकल।

है महकदे का साथ छाई बेखुदी है आजकल।

है गम तुझे कोई तो वो मुझे बता मेरे सनम।

यूँ चेहरे पे तेरे छाई क्यों गमी है आजकल।

वो छोड़कर मुझे लगे हैं गैर के गले से जा।

करें मज़े वो, मेरी जान पर बनी है आजकल।

मैं घुल रहा हूँ गम में अपने, जीना रास आए ना।

नहीं है आती दूर तक नज़र खुशी है आजकल।

जिसे भी चाहा वो चला गया मुझे यूंँ छोड़कर।

ज़माना कैसा, कैसी हवा चली है आजकल।

गुज़र रही मेरी यूंँ ज़िन्दगी की क्या बताऊं मैं। 

जो पढ़ना चाहो तो पढ़ लो, ग़ज़ल लिखी है आजकल।

दे धोखा तुम जो गीत को, चले हो गैर संग अब ।

कहो वो बात सच है, जो चल रही है आजकल।

5.37pm 16 March 2025

Sunday, 16 March 2025

3051 ग़ज़ल आंँसुओं की धार बन गई नदी है आजकल


 1212 1212 1212 1212

क़ाफ़िया ई

रदीफ़ है आजकल

न जाने कैसे कट रही, ये जिंदगी है आजकल।

निभा रहा है मुझसे क्यों वो बेरुखी है आजकल।

मैं फँस गया हूंँ उनसे प्यार करके जिंदगी में अब।

न मुझको जीने देती है यह आशिकी है आजकल।

हुआ है गम छुपाना भी कठिन ये कैसा दौर है।

ये आंँसुओं की धार बन गई नदी है आजकल।

लुटाया हमने जिसपे सब, वो और किसी का हो गया 

कहें भी क्या कि मतलबी सी दोस्ती है आजकल।

था कल तो उनकी जान मैं, वो आज दूर बैठा है।

हुई है बात क्या बना वो अजनबी है आजकल।

बिना मेरे न कटते थे कभी भी जिसके रात दिन

मुझे सताने कर रहा वो दिल्लगी है आजकल।

वो गिर गया मुझे सताने को है इतना, कर रहा।

थी जिससे दुश्मनी उसी से दोस्ती है आजकल।

जो कहते थे न तोड़ेंगे बना है रिश्ता अपना जो।

निभा रहा है 'गीत' से वो दुश्मनी है आजकल।

12.40pm 16 March 2025

Saturday, 15 March 2025

3050 ਗ਼ਜ਼ਲ ਛੱਡ ਕੇ ਤੇਰਾ ਇੰਝ ਜਾਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ


 ਬਹਰ: 1212 - 1122 - 1212 - 112(22)

ਕਾਫ਼ੀਆ: ਆਨਾ

ਰਦੀਫ਼: ਠੀਕ ਨਹੀਂ


ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਤੇਰਾ ਇੰਝ ਜਾਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।

ਤੇ ਕਰਕੇ ਵਾਅਦਾ ਤੇਰਾ ਮੁੜ ਨਾ ਆਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।


ਏ ਮੰਨਿਆ ਗੱਲ ਕਿਸੇ ਕਰਕੇ ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋ ਹੈ ਗਿਆ।

ਤਾਂ ਨਾਲ ਗੈਰ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤਾ, ਨਿਭਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।

 

ਨੇ ਵਖਰੇ ਹੋਏ ਚਲੋ, ਮੰਨ ਵੀ ਇਹ ਜਾਣਗੇ।

ਇਸੇ ਤੇ ਹੋਰ ਕਿਤੇ ਘਰ ਵਸਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀ।

 

ਏ ਘਰ ਦੇ ਵਿਚਲੀ ਤੂੰ ਗੱਲ, ਘਰ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰਹਿਣ ਦੇ।

ਏ ਘਰ ਦੀ ਗੱਲ ਤਾਂ ਲੈ ਬਾਹਰ ਨੁੰ ਜਾਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।


ਜੇ ਮੈਤੋਂ ਕੋਈ ਗਿਲਾ, ਮੈਨੂੰ ਦੱਸ ਦੇ ਆਪਣਾ ਗਮ।

ਯੂੰ ਘਰ ਦਾ ਮਸਲਾਹ ਜਾ ਸਭ ਨੂੰ ਵਿਖਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।


ਜੋ ਪਿਆਰ ਕੋਈ ਕਰੇ ਜਿੰਨਾ ਕੋਈ ਕਰ ਨਾ ਸਕੇ।

ਤਾਂ ਪਿਆਰ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਤਾਂ ਸਤਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।


ਜਦੋਂ ਦੇ ਹੋਏ ਨੇ ਵੱਖਰੇ, ਖ਼ਵਾਬਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਮਿਲਦੇ ਹਾਂ।

ਏ ਹੁਣ ਜ਼ੁਲਮ ਤੇਰਾ ਨੀਂਦਰ ਚੁਰਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।


ਤੂੰ ਲਿਖਿਆ 'ਗੀਤ' ਸੀ ਜਦ ਆਪਣੇ ਦਿਲ ਤੇ ਨਾਮ ਮੇਰਾ।

ਤੇ ਲਿਖ ਕੇ ਨਾਮ ਮੇਰਾ ਹੁਣ ਮਿਟਾਉਣਾ ਠੀਕ ਨਹੀਂ।

6.27pm 15 March 2025

Friday, 14 March 2025

2049 Leaving me like this, oh dear, is not right. (English poetry)


Leaving me like this, oh dear, is not right.

Making a promise, then vanishing from sight.

If some reason kept you away from me,
Still bonding with others – how can that be?

We've parted ways, yes, that’s understood,
But dressing another’s home – is that any good?

What’s said at home, let it stay there inside,
Spilling secrets outside – that’s not justified.

If you’re hurt by me, then speak your mind,
Showing our troubles to all – that’s unkind.

One who loves you more than any can do,
Hurting them so deeply – is that fair to you?

Though you're far, in dreams you appear,
Stealing my sleep – that’s not fair, my dear.

You once wrote 'Geet' on your heart so true,
Erasing it now – how could you?

3.00pm 14 March 2025

Thursday, 13 March 2025

3048 ग़ज़ल ठीक नहीं Ghazal Theek Nahin


 1212 1122 121 2 112(22)

क़ाफ़िया आना

रदीफ़ ठीक नहीं 

हमें यूंँ छोड़ सनम तेरा जाना ठीक नहीं।

यूंं वादा करके तेरा फिर न आना ठीक नहीं।

किसी वजह से सनम माना हमसे दूर हुए।

तो भी यूँ गैर से रिश्ता निभाना ठीक नहीं।

जुदा हुए हैं चलो, मान भी तो जाएंगे।

मगर यूँ घर किसी और का सजाना ठीक नहीं।

हुई जो बात उसे घर में ही तू रहने दे।

यूं घर की बात को बाहर ले जाना ठीक नहीं।

है मुझसे जो गिला तो फिर मुझे बता तेरा गम।

यह घर का मसअला सबको दिखाना ठीक नहीं।

करे जो प्यार तुम्हें जितना कोई कर न सके।

किसी को प्यार में इतना सताना ठीक नहीं।

हुए हो दूर जो तुम, ख़्वाब में ही देखें तुम्हें।

ख़फ़ा जो हो तो भी नींदे चुराना ठीक नहीं।

लिखा था 'गीत' कभी दिल पे अपने जो तूने।

लिखा जो नाम मेरा वो हटाना ठीक नहीं।

11.35pm 13 March 2025


Hamen yoon chhod sanam tera jaana theek nahin.
Yoon vaada karke tera phir na aana theek nahin.
Kisi wajah se sanam maana humse door hue.
To bhi yoon gair se rishta nibhaana theek nahin.
Juda hue hain chalo, maan bhi to jaayenge.
Magar yoon ghar kisi aur ka sajaana theek nahin.
Hui jo baat use ghar mein hi tu rehne de.
Yoon ghar ki baat ko baahar le jaana theek nahin.
Hai mujhse jo gila to phir mujhe bata tera gham.
Yeh ghar ka masla sabko dikhana theek nahin.
Kare jo pyaar tumhein jitna koi kar na sake.
Kisi ko pyaar mein itna sataana theek nahin.
Hue ho door jo tum, khwaab mein hi dekhen tumhein.
Naraaz ho to bhi neendein churaana theek nahin.
Likha tha 'Geet' kabhi dil pe apne jo tune.
Likha jo naam mera wo hataana theek nahin.


Wednesday, 12 March 2025

3047 ਗ਼ਜ਼ਲ ਗੀਤ' ਬਿਨ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹਨੇਰੀ ਸੀ


ਬਹਰ: 2122 1212 22

ਕਾਫ਼ੀਆ: ਆਈ

ਰਦੀਫ਼: ਹੈ


ਜਦ ਨਜ਼ਰ ਨਾਲ ਉਸ ਮਿਲਾਈ ਹੈ।

ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਖੁਸ਼ੀ ਹੀ ਛਾਈ ਹੈ।


ਵੇਖਦਾ ਹਾਂ ਮੈਂ ਉਸ ਨੂੰ ਹਰ ਵਾਰੀ।

ਜੀਣ ਲੱਗਿਆ ਜਦੋਂ ਉਹ ਆਈ ਹੈ।


ਦੂਰ ਹੋਈ ਏ ਸਾਰੀ ਤਨਹਾਈ।

ਜਦ ਫੜੀ ਉਸ ਦੀ ਮੈਂ ਕਲਾਈ ਹੈ।


ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੁਣ ਜਸ਼ਨ ਜਹੀ ਲੱਗਦੀ ਏ।

ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਖੁਸ਼ੀ ਲਿਆਈ ਹੈ।


ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ ਸਾਰੀ ਦੂਰ ਹੋ ਗਈਆਂ।

ਦਿਲ ਚ' ਜਦ ਮੇਰੇ ਓ ਵਸਾਈ ਹੈ।


ਵਾਂਗ ਫੁੱਲਾਂ ਦੇ ਰੰਗ ਤੇਰਾ ਏ।

ਚੰਨਨੀ ਵਿੱਚ ਜਿਵੇਂ ਨਹਾਈ ਹੈ।


'ਗੀਤ' ਬਿਨ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹਨੇਰੀ ਸੀ।

ਓ ਜੋ ਆਈ ਤਾਂ ਰੌਸ਼ਨਾਈ ਹੈ।

7.27pm 11 March 2025

Tuesday, 11 March 2025

3046 My life has bloomed (English poetry)


Since I met your gaze so deep,

My life has bloomed, no tears to weep.

I watch you close, my heart’s alive,
Your touch makes every breath revive.

Loneliness faded, left my side,
Since I held your hand with pride.

Life now feels like a grand parade,
Joyful colors you have displayed.

All my troubles walked away,
Since in my heart you've come to stay.

Soft as petals, white and bright,
You glow like moonlight in the night.

Life was dark, no path in sight,
'Geet's love has filled it with pure light.

6.41pm 11 March 2025

Monday, 10 March 2025

3045 ग़ज़ल अंगड़ाई



2122 1212 22

क़ाफ़िया आई

रदीफ़ है

जब से तुझसे नजर मिलाई है।

जिंदगी में बहार आई है।

देखता हूंँ तुझे मैं जी भर के।

जान लेती ये अंगड़ाई है।

दूर तन्हाई सब हुई मेरी।

जबसे पकड़ी तेरी कलाई है।

जिंदगी यह जश्न सी लगती है।

खुशियांँ अपने तू साथ लाई है।

दूर सब मु्श्किलें हुई मेरी।

जब से दिल में मेरे समाई है।

रंग कोमल सफेद फूलों सा।

चांँदनी में तू ज्यूँ नहाई है।

'गीत' बिन जिंदगी अंँधेरी थी। 

उसके आने से रोशनाई है।

9.43pm 10 March 2025

Sunday, 9 March 2025

3044 Since I Fell in Love with You (English poetry)


Since I fell in love with you,

Life has seemed so bright and new.

When you visit in my dreams,
Every moment joyful seems.

All around, the world shines bright,
Filling my heart with pure delight.

Once my world was dark and bare,
Now I find you always there.

Feared you’d never trust my love,
Now I thank the stars above.

Dreams of love have all come true,
Peace has found me, thanks to you.

Since the day you came my way,
Spring has bloomed in my heart to stay.

4.00pm 9 March 2025

Saturday, 8 March 2025

3043 ਗ਼ਜ਼ਲ ਮੌਸਮ-ਏ-ਬਹਾਰ ਆਇਆ


 2122 1212 22

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆਰ

ਰਦੀਫ਼ ਆਇਆ

ਜਦ ਦਾ ਤੇਰੇ ਤੇ ਹੈ ਪਿਆਰ ਆਇਆ।

ਲੱਗਿਆ ਜਿੰਦ ਜਿਵੇਂ ਸੰਵਾਰ ਆਇਆ।


ਆਉਣ ਲੱਗੀ ਜਦੋਂ ਦੀ ਖ਼ਵਾਬਾਂ ਵਿੱਚ।

ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਜਿਵੇਂ ਖੁਮਾਰ ਆਇਆ।


ਚਾਰੇ ਪਾਸੇ ਚਮਕ ਰਿਹਾ ਆਲਮ।

ਐਸਾ ਜੀਵਨ ਦੇ ਵਿੱਚ ਨਿਖਾਰ ਆਇਆ।


ਸੀ ਹਨੇਰਾ ਕਿਦੇ ਬਿਨਾ ਜਿੰਦ ਵਿੱਚ।

ਤੂੰ ਹੀ ਉਹ ਸੀ ਇਹੀ ਵਿਚਾਰ ਆਇਆ।


ਡਰ ਸੀ ਮੇਰਾ ਤੂੰ ਪਿਆਰ ਨਾਂ ਸਮਝੇ।

ਖੁਸ਼ ਹਾਂ ਤੈਨੂੰ ਹੈ ਏਤਬਾਰ ਆਇਆ।


ਹੋ ਗਏ ਸੱਚ ਜੋ ਪਿਆਰ ਦੇ ਸੁਪਨੇ।

ਪਾ ਕੇ ਤੈਨੂੰ ਬੜਾ ਕਰਾਰ ਆਇਆ।


ਪਾ ਜਦੋਂ ਤੋਂ ਲਿਆ ਹੈ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ।

‘ਗੀਤ’ ਦਾ ਮੌਸਮ-ਏ-ਬਹਾਰ ਆਇਆ।

2.15pm 8 March 2025

Friday, 7 March 2025

3042 ग़ज़ल 'गीत' का मौसम ए बहार आया Ghazal 'Geet' ka Mausam e' bahar aaya


 2122 1212 22

क़ाफ़िया आर

रदीफ़ आया

जब से तुम पर मुझे है प्यार आया। 

जिंदगी में है इक ख़ुमार आया।

जब से आने लगी हो ख्वाबों में।  

मेरे जीवन में है निखार आया।

हर तरफ़ जगमगा रहा आलम।

यूँ लगा जिंदगी सँवार आया।

किस के बिन थी बुझी मेरी दुनिया।

तुम ही वो हो न ये विचार आया।

डर था तुम प्यार को मेरे समझो।

खुश हूँ तुमको है ऐतबार आया।

सच हुए देखे प्यार में सपने।

पा के तुमको मुझे करार आया।

पा लिया जब से मैंने है तुझको।

'गीत' का मौसम ए बहार आया।

5.46pm 7 March 2025

Qafia aar

Radeef aaya

Jab se tum par mujhe hai pyar aaya.
Zindagi mein hai ik khumaar aaya.

Jab se aane lagi ho khwabon mein.
Mere jeevan mein hai nikhaar aaya.

Har taraf jagmaga raha aalam.
Yoon laga zindagi sanwaar aaya.

Kis ke bin thi bujhi meri duniya.
Tum hi wo ho na ye vichaar aaya.

Dar tha tum pyar ko mere samjho.
Khush hoon tumko hai aitbaar aaya.

Sach hue dekhe pyar mein sapne.
Pa ke tumko mujhe karaar aaya.

Pa liya jab se maine hai tujhko.
'Geet' ka mausam-e-bahaar aaya.


Thursday, 6 March 2025

3041 ਪੰਜਾਬੀ ਗ਼ਜ਼ਲ ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ


 ਬਹਰ 212 212 212 212, 

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆ, 

ਰਦੀਫ਼: ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ


ਹਾਲ ਕੀ ਹੋ ਗਿਆ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।

ਖੋ ਗਿਆ ਦਿਲ ਮੇਰਾ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।


ਜਾਨ ਉੱਤੇ ਬਣੀ, ਵੇਖਦੇ ਓ ਨਹੀਂ,

ਕੀ ਕਰਾਂ ਦੱਸ ਕੇ ਜਾ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।

 

ਚਾਹਿਆ ਜਿਸ ਨੂੰ ਸੀ, ਉਹ ਮਿਲਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ,

ਤੂੰ ਹੀ ਦੱਸ ਕੀ ਮਿਲਿਆ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।


ਜੀਣਾ ਔਖਾ ਹੋਇਆ, ਧੋਖਾ ਜੱਦ ਮਿਲਿਆ,

ਕੀ ਕਰਾਂ ਫੈਸਲਾ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।


ਚਾਹੇ ਸੀ ਫੁੱਲ ਮਿਲ਼ਣ, ਪਰ ਮਿਲੇ ਕੰਡੇ ਹੀ,

ਜ਼ਖ਼ਮ ਏਸਾ ਮਿਲਾ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।


ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਣ ਗਈ, ਉੱਜੜੀ ਇਕ ਬੇਲ ਵਾਂਗ,

ਫੁੱਲ ਇਕ ਨਾ ਖਿੜਾ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ।


'ਗੀਤ' ਲੱਭਦੀ ਰਹੀ, ਕੀ ਮਿਲੇ ਕੁੱਝ ਸੂਕੂਨ,

ਛੱਡਣਾ ਸਭ ਪੈ ਗਿਆ, ਇਸ ਜਵਾਨੀ 'ਚ ਹੁਣ

9.07pm 5 March 2024


Wednesday, 5 March 2025

3040 Lost my heart (English poetry)


 What has happened in youth so bright?

Lost my heart, gone out of sight.

Life’s at risk, yet none can see,
Tell me now, what’s left for me?

Loved so deeply, but love was gone,
Tell me now, what went so wrong?

Cheated once, now life’s so tough,
How to bear when it’s this rough?

Wanted flowers, but thorns I got,
Left with wounds that hurt a lot.

Life’s a vine, so dry and bare,
Not a bloom, just pain to spare.

Songs need peace, but none remain,
Left it all with tears and pain.

6.02pm 5March 2025

Tuesday, 4 March 2025

3039 ग़ज़ल इस जवानी में अब Ghazal Is jawani mein ab.


 212 212 212 212

क़ाफ़िया आ

रदीफ़ इस जवानी में अब

हाल क्या है हुआ, इस जवानी में अब।

खो गया दिल मेरा इस जवानी में अब। 

जान पर है बनी देखते वो नहीं।

क्या करें तू बता इस जवानी में अब। 

चाहा जिसको भी था वो मिला ही नहीं।

तू बता क्या मिला इस जवानी में अब।

जीना मुश्किल हुआ जब से धोखा मिला 

क्या करें फैसला इस जवानी में अब।

फूल चाहा खिलें, पर हैं कांँटे मिले।

घाव रहता खुला इस जवानी में अब। 

जिंदगी है बनी उजड़ी इक बेल सी।

फूल इक ना खिला इस जवानी में अब।

गीत को चाहिए कुछ सकूं शशंौअब मिले।

छोड़ना सब पड़ा इस जवानी में अब। 

4.56pm 4 March 2025

212 212 212 212
Qaafiya: "aa"
Radif: "is jawani mein ab"

Haal kya hai hua, is jawani mein ab.
Kho gaya dil mera, is jawani mein ab.

Jaan par hai bani, dekhte wo nahi.
Kya karein tu bata, is jawani mein ab.

Chaha jisko bhi tha, wo mila hi nahi.
Tu bata kya mila, is jawani mein ab.

Jeena mushkil hua, jab se dhokha mila.
Kya karein faisla, is jawani mein ab.

Phool chaha khilein, par hain kaante mile.
Ghaav rehta khula, is jawani mein ab.

Zindagi hai bani, ujhdi ik bel si.
Phool ik na khila, is jawani mein ab.

Geet ko chahiye, kuch sukoon Shashank mile.
Chhodna sab pada, is jawani mein ab.

Monday, 3 March 2025

3038 ਪੰਜਾਬੀ ਗਜ਼ਲ : ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ


 2122 1122 1122 22

ਕਾਫ਼ੀਆ : ਆਉਂਦੇ, 

ਰਦੀਫ਼ : ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ)


ਉਹ ਨਜ਼ਰ ਆਪਣੀ ਮਿਲਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।

ਮੁਸਕਰਾ ਕੇ ਉਹ ਦਿਖਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।


ਇੱਕ ਝਲਕ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵੇਖੀ ਹੋਇਆ ਦਿਲ ਬੇਕਾਬੂ,

ਸੌਂਏ ਅਰਮਾਨ ਜਗਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।

 

ਚਾਹ ਸਾਡੀ ਸੀ ਨਾ ਵੱਖ ਹੋਣ ਕਦੇ ਵੀ ਆਪਾਂ,

ਕੁੱਝ ਸਮਾਂ ਸਾਥ ਬਿਤਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।


ਚਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਹੈ ਵਖਰੀ, ਸੁੱਟ ਮਖਮਲ ਵਰਗਾ,

ਤੇ ਦੁਪੱਟਾ ਉਹ ਘੁਮਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।


ਇੱਕ ਤਾਂ ਆਉਂਦੇ ਨਹੀਂ ਸੁਪਨੇ 'ਚ ਕਦੇ ਆਉਣ ਵੀ,

ਨੀੰਦ ਸਾਡੀ ਉਹ ਉਡਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।


ਮੈਂ ਬੜੀ ਕੀਤੀ ਸੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾਂ ,

ਯਾਦ ਆ ਕੇ ਓ ਰੁਲਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।


‘ਗੀਤ’ ਦੀ ਸੀ ਇਹ ਤਮੰਨਾ ਉਹ ਸੁਣਣ ਉਹਦੇ ਦਿਲ ਦੀ ,

ਉਹ ਤਾਂ ਆਪਣੀ ਹੀ ਸੁਣਾਉਂਦੇ ਨੇ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ।

6.17pm 3 March 2025


 ਇਸੀ ਬਹਿਰ ਦਾ ਫ਼ਿਲਮੀ ਗੀਤ

ਦਿਲ ਕੀ ਆਵਾਜ਼ ਭੀ ਸੁਣ ਮੇਰੀ ਫਸਾਨੇ ਪੇ ਨਾ ਜਾ 

 ਮੇਰੀ ਨਜਰੋਂ ਕੀ ਤਰਫ ਦੇਖ ਜ਼ਮਾਨੇ ਪੇ ਨਾ ਜਾ

Sunday, 2 March 2025

3037 They steal my sleep (English poetry)


 They lock their eyes, then walk away,

With a smile so bright, they make my day.

A glimpse of them, and my heart's on fire,
Awakening dreams, they stir desire.

I wish they'd stay and never depart,
To spend some time and share their heart.

Their style is unique, their grace so grand,
With a velvet suit and scarf in hand.

They seldom come, and when they do,
They steal my sleep and leave me blue.

I tried so hard to forget their face,
Yet memories haunt in time and space.

'Geet' had wished to share her heart,
But they just speak and then depart.

8.19pm 2 March 2025

Saturday, 1 March 2025

A+3036 ग़ज़ल चले जाते हैं


 2122 1122 1122 22

क़ाफ़िया आते 

रदीफ़ हैं चले जाते हैं 

वो नजर हमसे मिलाते हैं चले जाते हैं। 

मुस्कुरा कर वो दिखाते हैं चले जाते हैं।

इक झलक उनकी जो देखी हुआ दिल दीवाना।

सोए अरमान जगाते हैं चले जाते हैं।

चाह अपनी वो कभी मिलके जुदा हो न कभी।

कुछ समां संग बिताते हैं चले जाते हैं।

चाल उनकी है जुदा, सूट है मखमल जैसा।

और दुपट्टे को घुमाते हैं चले जाते हैं।

एक तो आती नहीं, उसपे कभी आए तो।

नींद से हमको उठाते हैं चले जाते हैं।

की थी कोशिश तो बहुत भूल उन्हें जाएं पर।

याद में आ के सताते हैं चले जाते हैं।

'गीत' की चाह थी अपनी भी कहे वो दिल की।

वो तो बस अपनी सुनाते हैं चले जाते हैं।

डॉ संगीता शर्मा कुंद्रा 'गीत' चंडीगढ़ 

4.37pm 1 March 2024

Dil ki Aawaz bhi sun mere fsaane pe na ja

Friday, 28 February 2025

3035 ਗ਼ਜ਼ਲ ਦਗ਼ਾ ਹੋਣਾ ( Ghazal Dga Hona)



ਬਹਰ 2122 1212 22 

ਕਾਫ਼ੀਆ  ਆ, 

ਰਦੀਫ਼ ਹੋਣਾ


ਸੋਚਿਆ ਨਈ ਸੀ ਕੀ ਦਗ਼ਾ ਹੋਣਾ

ਨਾਲ ਇੰਜ ਉਸਦੇ ਸਾਹਮਣਾ ਹੋਣਾ।


ਮਿਲਕੇ ਭੁੱਲ ਜਾਣਗੇ ਉਹ ਇੱਕ ਵਾਰੀ,

ਜਾਂ ਕਦੇ ਯਾਦ ਵੀ ਕੀਤਾ ਹੋਣਾ।


 ਓਸਨੂੰ ਕਿਉਂ ਤੂੰ ਆਪਣਾ ਸਮਝੇ,

ਆਪਣਾ ਜੋ ਨਹੀਂ, ਤੇਰਾ ਹੋਣਾ?


ਸੋਚ ਨਾ ਬੀਤ ਜੋ ਗਿਆ, ਸੋਚੋ,

ਜੋ ਵੀ ਹੋਣਾ ਉਹ, ਭਲਾ ਹੋਣਾ।


ਛੱਡ ਗਏ ਮੈਨੂੰ ਜੋ ਨਹੀਂ ਮੇਰੇ,

ਕੋਈ ਮੇਰੇ ਲਈ ਬਣਾ ਹੋਣਾ।


ਅੱਜ ਮਿਹਨਤ ਦਾ ਦੌਰ ਹੈ ਮੰਨਿਆ,

ਕੁਝ ਤਾਂ ਕਿਸਮਤ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲਿਖਾ ਹੋਣਾ।


ਓਹੀ ਸਾਥੀ ਬਣੇਗਾ ਜੀਵਨ ਭਰ,

ਨਾਲ ਜੋ 'ਗੀਤ' ਦੇ ਚਲਾ ਹੋਣਾ।


12.47pm 28 Feb 2025


Behar 2122 1212 22
Qafiya: aa
Radeef: Hona

Sochiya nai si ki dagha hona.
Naal inj usde sahmna hona.

Milke bhul jaan'ge oh ikk vaari,
Jaan kade yaad vi kitaa hona.

Osnu kyu tu apna samjhe,
Apna jo nahi, tera hona?

Soch na beet jo gaya, socho,
Jo vi hona oh, bhala hona.

Chhad gaye mainu jo nahi mere,
Koi mere layi banaa hona.

Ajj mehnat da daur hai maneya,
Kujh taan kismat de vich likha hona.

Ohi saathi banega jeevan bhar,
Naal jo 'Geet' de chala hona.


Thursday, 27 February 2025

3034 Never Thought I'd Be Betrayed (English poetry)


Never thought I'd be betrayed,
Yet he stood there, unafraid.

Did he forget me after all?
Or did my name once recall?

Why do you call him your own?
When he left all hearts alone?

Don’t dwell on the days gone by,
The days ahead will shine, just try.

Let him go, he's not for me,
Someone mine is yet to be.

Hard work counts, that’s understood,
Yet fate must write something good.

The one who walks with me each day,
Will stay with me, come what may.

6.00pm 27 Feb 2025

Wednesday, 26 February 2025

3033 ग़ज़ल याद भी किया होगा Ghazal yaad bhi kiya hoga

 


2122 1212 22

क़ाफ़िया आ 

रदीफ़ होगा

यह न सोचा था कि दगा होगा।

उसका मुझसे यूँ सामना होगा।

भूल जाएंगे मिलके वो इक बार।

या कभी याद भी किया होगा।

क्यों उसे अपना तू समझता है ।

जो न खुद का हुआ, तेरा होगा? 

सोच मत बीत जो गया, सोचो..

जो भी होगा वो ही भला होगा ।

वो गया छोड़, जो नहीं मेरा।

कोई मेरे लिए बना होगा।

आज मेहनत का दौर है माना।

कुछ तो किस्मत में भी लिखा होगा।

वो ही साथी बनेगा जीवन भर।

'गीत' के संग जो चला होगा।

4.54pm 26 Feb 2025


Qaafiya aa

Radif hoga

Yeh na socha tha ki dagaa hoga.

Uska mujhse yun saamna hoga.

Bhool jaayenge milke wo ik baar.

Ya kabhi yaad bhi kiya hoga.

Kyon use apna tu samajhta hai.

Jo na khud ka hua, tera hoga?

Soch mat beet jo gaya, socho..

Jo bhi hoga wo bhala hoga.

Wo gaya chhod, jo nahin mera.

Koi mere liye bana hoga.

Aaj mehnat ka daur hai maana.

Kuch to kismat mein bhi likha hoga.

Wo hi saathi banega jeevan bhar.

'Geet' ke sang jo chala hoga.


Tuesday, 25 February 2025

3032 lost in your smile (English poetry)


I saw you once, just for a while,

And fell for you, lost in your smile.

Tried to forget, but in my mind,
You came again, so warm, so kind.

The way you looked, then looked away,
Blushed so sweet in shy display.

If love is true, then tell me why,
You fear so much when our eyes lie?

You know this world hates love so pure,
Why trust it then? Why be unsure?

The road of love is rough and steep,
The journey long, the end so deep.

In love, we win, in love, we lose,
So why let sorrow cloud your views?

Just move ahead, don’t look behind,
The world will cheer when goals you find.

4.42pm25 Feb 2025

Monday, 24 February 2025

3031 ਗ਼ਜ਼ਲ ਯਾਦ ਤੇਰੀ ਆ ਗਈ


2122 2122 2122 212

क़ाफ़िया आ

रदीफ़ गई 

ਵੇਖਿਆ ਤੈਨੂੰ ਨਜ਼ਰ ਭਰ ਕੇ ਜਦੋਂ ਤੂੰ ਭਾ ਗਈ।

ਚਾਹਿਆ ਤੈਨੂੰ ਭੁਲਾਉਂਣਾ , ਯਾਦ ਤੇਰੀ ਆ ਗਈ।


ਉਹ ਨਜ਼ਰ ਤੇਰਾ ਝੁਕਾਉਣਾ, ਤੇ ਝੁਕਾ ਕੇ ਵੇਖਣਾ,

ਜਦ ਮਿਲੀ ਆਪਣੀ ਨਜ਼ਰ ਤਾਂ, ਵੇਖ ਕੇ ਸ਼ਰਮਾ ਗਈ।


ਪਿਆਰ ਹੈ ਤਾਂ ਠੀਕ ਹੈ, ਦੱਸ ਗੱਲ ਕੀ ਏ ਸ਼ਰਮਾਉਣ ਦੀ।

ਜਦ ਮਿਲੀ ਅੱਖਾਂ ਸੀ ਆਪਣੀ, ਐਨੀ ਕਿਉਂ ਘਬਰਾ ਗਈ।


ਜਾਨਦੀ ਏ ਤੂੰ ਕਿ ਇਹ ਜਗ, ਪਿਆਰ ਦਾ ਦੁਸ਼ਮਨ ਰਿਹਾ,

ਕਿਉਂ ਭਰੋਸਾ ਕੀਤਾ ਇਸ ‘ਤੇ, ਧੋਖਾ ਕਿਉਂ ਤੂੰ ਖਾ ਗਈ।


ਰਾਹ ਔਖਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਹੀ, ਪਿਆਰ ਦੇ ਇਸ ਖੇਡ ਦਾ।

ਚਲਣਾ ਹਾਲੇ ਦੂਰ ਤੱਕ , ਨਾ ਸੋਚ ਮੰਜ਼ਿਲ ਆ ਗਈ।


ਪਿਆਰ ਦੇ ਇਸ ਖੇਡ ਵਿੱਚ ਤਾਂ, ਹਾਰ ਵੀ ਹੈ, ਜਿੱਤ ਵੀ।

ਨਾ ਮਿਲੀ ਮੰਜ਼ਿਲ, ਜਦੋਂ ਮਾਯੂਸੀ ਕਿਉਂ ਸੀ ਛਾ ਗਈ?


'ਗੀਤ' ਵਧ ਅੱਗੇ ਹੀ ਅੱਗੇ, ਪਿੱਛੇ ਮੁੜ ਕੇ ਵੇਖ ਨਾ।

ਫੁੱਲ ਵੀ ਵਰਸਾਏਗੀ ਦੁਨੀਆ, ਜੇ ਤੂੰ ਮੰਜ਼ਿਲ ਪਾ ਗਈ।

7.47pm 23 Feb 2025 

Sunday, 23 February 2025

3030 ग़ज़ल देखते ही भा गई Ghazal Dekhte hi bha gayi


 2122 2122 2122 212

क़ाफ़िया आ

रदीफ़ गई 

देखा तुझको इक नजर जब, देखते ही भा गई।

भूलना चाहा था तुमको, याद पर तुम आ गई। 

वो नज़र तेरा उठाना और उठा कर देखना। 

जब नज़र अपनी मिली, देखा था तुम शरमा गई।

प्यार है तो ठीक है, शरमाना फिर है किस लिए।

क्यों नज़र मिलते ही मुझसे इतनी तुम घबरा गई। 

जानती हो तुम जहां ये प्यार का दुश्मन रहा।

क्यों किया विश्वास इस पर,धोखा तुम क्यों खा गई।

रास्ता मुश्किल बड़ा है प्यार के इस खेल का।

चलना अभी है दूर तक, सोचो न मंजिल आ गई।

प्यार के इस खेल में तो, हार भी है जीत भी।

जो मिली मंजिल न तो,मायूसी क्यों थी छा गई।

बढ़ सदा आगे ही आगे 'गीत' मुड़ के देख मत।

फूल बरसाएगी दुनिया, जब तू मंजिल‌ पा गई।

2.11pm 23 Feb 2025

Qafiya: Aa
Radif: Gayi

Dekha tujhko ik nazar jab, dekhte hi bha gayi.
Bhoolna chaaha tha tumko, yaad tum par aa gayi.

Woh nazar tera uthana aur utha kar dekhna,
Jab nazar apni mili, dekha tha tum sharma gayi.

Pyar hai to theek hai, sharmana phir hai kis liye,
Kyon nazar milte hi mujhse itni tum ghabra gayi?

Jaanati ho tum jahan ye pyar ka dushman raha,
Kyon kiya vishwas is par, dhokha tum kyon kha gayi?

Rasta mushkil bada hai pyar ke is khel ka,
Chalna abhi hai door tak, socho na manzil aa gayi.

Pyar ke is khel mein to, haar bhi hai jeet bhi,
Jo mili manzil na to, mayoosi kyon thi chha gayi?

Badh sada aage hi aage, peeche mud ke dekh na,
Phool barsayegi duniya, jab tu manzil paa gayi.


Saturday, 22 February 2025

3029 ਗ਼ਜ਼ਲ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


 1222 1222 1222 1222

ਕਾਫਿਆ ਓ

ਰਦੀਫ਼ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?

ਹੈ ਕੀਤਾ ਸਭ ਜੋ ਚਾਹਿਆ ਓ ਪਤਾ ਨੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?

ਮੈਂ ਏ ਹੀ ਸੋਚਦਾ ਮੈਨੂੰ ਹੈ ਓ ਵੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


ਨ ਪਲ ਭਰ ਨੀਂਦ ਆਉਂਦੀ ਹੈ, ਤੇਰੇ ਬਿਨ ਜਾਨ ਓ ਮੇਰੀ।

ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਤਾਂ ਕਿਦਾਂ ਲੱਗੇ ਹੈ ਕੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


ਮੈਂ ਰੱਖ ਦਿੱਤਾ ਏ ਦਿਲ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਅੱਜ ਸਾਹਮਣੇ ਉਸਦੇ।

ਓ ਦੱਸੇ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਦਿਲ ਮੈਨੂੰ,ਉਹ ਵੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


ਹਸੀਂ ਮਹਫ਼ਿਲ,ਸਜੀ ਏ ਅੱਜ, ਪਿਆਲੇ ਉੱਠ ਰਹੇ ਹਰਸੂ।

ਮਿਲੇ ਮਦਹੋਸ਼ੀ ਅੱਖਾਂ ਦੇ ਹੀ ਰਾਹੀ ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


ਘਟਾਵਾਂ ਛਾਈਆਂ, ਅਸਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ, ਰੰਗ ਨੇ ਬਦਲੇ।

ਰੁਕੇ ਬੱਦਲ ਵਰਾਏ ਖੁੱਲ ਕੇ ਪਾਣੀ, ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?


ਹੈ ਵੇਖੇ 'ਗੀਤ' ਪੂਰੀ ਹੋਵੇਗੀ ਕਦ ਪਿਆਰ ਦੀ ਏ ਰਾਹ।

ਦਵੇਂਗਾ ਹੱਥ ਤਰਸਦੀ ਯਾ ਰਵਾਂਗੀ, ਚਾਹੁੰਦਾ ਏ ਕੀ?

12.25pm 21 Feb 2025

Friday, 21 February 2025

3028 Hold my hand (English poetry)


I did all he wished, but now what’s in his mind?

Does he still love me, or has his heart declined?

Not a moment my heart feels fine without you near,
If one asks my state, should I smile or tear?

I’ve laid my heart open, my wishes untold,
Now let him reveal what dreams he holds.

The grand feast is set, and glasses arise,
Yet he gets drunk just gazing in my eyes.

The sky turns dark, the clouds take form,
Should they hold back or pour in storm?

Tired, ‘Geet’ waits for love’s long way,
Hold my hand or make me stay.

6.46pm 21 Feb 2025


Thursday, 20 February 2025

3027 ग़ज़ल चाहता है क्या? Ghazal chahta hai kya?


 1222 1222 1222 1222

क़ाफ़िया ओ

रदीफ़ चाहता है क्या

किया सब कुछ जो चाहा उसने अब वो चाहता है क्या। 

अभी भी सोचना उसको वो मुझको चाहता है क्या। 

घड़ी भर भी न दिल मेरा है लगता बिन तेरे जालिम।

लगे कैसा कोई पूछे, कि तुझको चाहता है क्या।

है रख दी खोलकर सब चाहतें दिल में जो थी अपने। 

बताए अब मुझे वो खोल दिल जो चाहता है क्या।

सजी है खूब महफिल और लबों तक आ गये हैं जाम। 

मगर आंँखों से ही मदहोश वो हो चाहता है क्या।

घटाएं छा रही है आसमां ने रंग बदला है। 

रुके बादल कहे या जम के बरसो चाहता है क्या।

थकी है 'गीत' देखे रास्ता कब प्यार का तय हो।

मुझे दे हाथ अपना या के तरसो चाहता है क्या।

6.30pm 20 Feb 2025


1222 1222 1222 1222
Qaafiya - O
Radif - Chahta Hai Kya

Kiya sab kuch jo chaha usne, ab wo chahta hai kya?
Abhi bhi sochna usko vo mujhko chahta hai kya?

Ghadi bhar bhi na dil mera hai lagta bin tere jaanam,
Lage kaisa, koi ab poochhe, tujhko chahta hai kya?

Hai rakh di kholkar sab chahatein dil ki jo thi paali,
Bataaye ab mujhe wo khol dil, jo chahta hai kya?

Haseen mehfil sagi hai aaj, paimane rahe hain uth,
Magar aankhon se hi madhosh wo ho, chahta hai kya?

Ghataayein chha rahi hain, aasmaan ne rang badla hai,
Ruke badal kahe, ya jam ke barso, chahta hai kya?

Thaki hai 'Geet', dekhe raasta kab pyaar ka tay ho,
Mujhe de haath apna ya ke tarso, chahta hai kya?


Wednesday, 19 February 2025

3026 ਗ਼ਜ਼ਲ: ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ


 2122 2122 2122 212

ਕਾਫੀਆ ਦੀ

ਰਦੀਫ਼ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ

ਅੱਖ ਕਿਉਂ ਅੱਜ ਵੀ ਵਰਸਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।

ਕਿੰਨੇ ਗਮ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਉਹ ਰੱਖਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।


ਚੁੱਪ ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਲਗ ਗਈ ਹੁਣ, ਗੱਲ ਲਬਾਂ ਤਕ ਆਵੇ ਨਾ।

ਸੋਚ ਅੰਦਰ ਹੀ ਉਹ ਕਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।

ਮਿਲਿਆ ਦੁੱਖ ਜਿਸ ਥਾਂ ਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਉਸ ਜਗ੍ਹਾ ਕਿਉਂ ਰੁਕ ਗਈ ,

ਓਸੇ ਥਾਂ ਤੇ ਕਿਉਂ ਓ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।


ਥਮ ਗਈ ਹੈ, ਜ਼ਮ ਗਈ ਹੈ, ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਓ ਰੁੱਕ ਗਈ,

ਕਿਉਂ ਨਦੀ ਵਰਗੀ ਨਾ ਵਗਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।


ਥੱਕ ਗਿਆ ਸੀ ਪੁੱਛ ਕੇ ਮੈਂ ਪਰ ਉਸ ਜ਼ੁਬਾਂ ਖੋਲੀ ਨਹੀਂ,

ਹੁਣ ਉਹ ਮੈਨੂੰ ਰਹਿੰਦੀ ਕਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।

 

ਜਾਣਦਾ ਹਾਂ ਰਾਜ਼ ਉਸਦੇ, ਕਿੰਨੀ ਡੂੰਗੀ ਪਿਆਸ ਹੈ।

'ਗੀਤ' ਕਿਉਂ ਏਨੀ ਤਰਸਦੀ ਹੈ ਕੋਈ ਪੁੱਛੇ ਕਦੇ।

7.46pm 17 Feb 2025

Tuesday, 18 February 2025

3025 Why do her eyes shed silent tears? English poetry)


 

Why do her eyes shed silent tears?
Ask me, I'll unveil her fears.

What deep sorrow fills her chest?
Ask me, I'll tell you best.

Her lips are sealed, her voice is still,
Yet her thoughts speak loud at will.

She stands where her pain began,
Ask me why—she holds her span.

Her path is blocked, her steps don’t stray,
Like a river, why not sway?

I had asked, but she kept inside,
Now she speaks with pain so wide.

I know her thirst, her silent cries,
Why does ‘Geet’ yearn with sighs?

3.25pm 18 Feb 2025


Monday, 17 February 2025

3024 ग़ज़ल कोई पूछे मुझे


 2122 2122 2122 212

काफिया ती

रदीफ़ है कोई पूछे मुझे


आंँख उसकी क्यों बरसती है कोई पूछे मुझे।

कौन सा वो दर्द सहती है कोई पूछे मुझे।

चुप जुबां कर ली है उसने बात लब तक आए ना।

सोच में ही कहती रहती है कोई पूछे मुझे। 

दर्द उसको था मिला वो आज तक ठहरी जहांँ।

उस जगह पर क्यों वो रहती है कोई पूछे मुझे। 

थम गई है जम गई है राह उसकी रुक गई।

क्यों नदी सी वो न बहती है कोई पूछे मुझे।

थक गया था पूछ कर मैं तब जुबां खोली नहीं।

आज मुझसे वो ये कहती है कोई पूछे मुझे।

जानता हूंँ राज़ उसके, कितनी गहरी प्यास है।

'गीत' इतना क्यों तरसती है कोई पूछे मुझे।

9.29pm 15 Feb 2025

Sunday, 16 February 2025

3023 Your name was carved within my soul, (English poetry)


I called your name, but you stayed away,

Even in parting, you had no say.

You never once looked back at me,
Yet forgetting you wasn’t easy, you see.

If fate had written our paths apart,
How could we meet with a broken heart?

I waited long for a sign, a way,
Yet no words from you could light my day.

I dreamed of love so strong, so true,
Yet such a dream was lost on you.

I wished to gift the stars above,
Yet failed to prove my endless love.

I longed to build a world so fine,
Yet it stayed a dream, never mine.

'Geet' your name was carved within my soul,
Yet erasing it was not my goal.

7.14pm16 Feb 2025

Saturday, 15 February 2025

3022 Punjabi Ghazal ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਆਇਆ ਨਾ ਗਿਆ


  2122 1122 1122 112

ਕਾਫ਼ੀਆ ਆਇਆ

ਰਦੀਫ਼ ਨਾ ਗਿਆ

ਮੈਂ ਬੁਲਾਂਦਾ ਹੀ ਰਿਹਾ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਆਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਛੱਡ ਕੇ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕਦੇ ਜਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਯਾਦ ਕਰਦਾ ਮੈਂ ਰਿਹਾ ਛੱਡ ਕੇ ਗਏ ਜਦ ਦੇ ਤੁਸੀਂ।

ਇਕ ਵੀ ਪਲ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਤੈਨੂੰ ਤੇ ਭੁਲਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਜੱਦ ਵਿਛੜਨਾ ਲਿਖਿਆ, ਮਿਲਦੇ ਵੀ ਦੋਵੇਂ ਤਾਂ ਕਿਵੇਂ।

ਤਾਹੀਂ ਕਿਸਮਤ ਵੱਲੋਂ ਸਾਨੂੰ ਤੇ ਮਿਲਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਰਾਹ ਤੱਕਦਾ ਮੈਂ ਰਿਹਾ ਜੋ ਕੋਈ ਤਰਕੀਬ ਬਣੇ।

ਕੋਈ ਰਸਤਾ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਵੀ ਤਾਂ ਸੁਝਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਸੀ ਸਜਾਏ ਕਈ ਸੁਪਨੇ ਕਿ ਮਿਲੇ ਪਿਆਰ ਤੇਰਾ।

ਖ਼ਾਬ ਇੱਦਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਤੇਥੋਂ ਦਿਖਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

ਅੰਬਰਾਂ ਦੇ ਕਦੇ ਤਾਰੇ ਮੈਂ ਲਿਆ ਦੇ ਨਾ ਸਕਾ। 

ਚਾਹ ਕੇ ਵੀ ਕੀਤਾ ਵਾਅਦਾ ਤਾਂ ਨਿਭਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ। 

ਸੀ ਤਮੰਨਾ ਕੋਈ ਹੁੰਦਾ ਮੇਰੇ ਸੁਪਨੇ ਦਾ ਮਹਿਲ।

ਉਹ ਮਹਿਲ ਸੁਪਨੇ ਦਾ ਮੈਤੋਂ ਸੀ ਬਣਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ। 


ਲਿਖਿਆ ਸੀ ਨਾਮ ਜੋ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਤੇਰਾ ਦਿਲ ਤੇ ਮੇਰੇ।  

ਕੋਸ਼ਿਸ਼ਾਂ ਲੱਖ ਕਰੇ ਉਹ 'ਗੀਤ' ਮਿਟਾਇਆ ਨਾ ਗਿਆ।

8.00pm 14 Feb Feb 2025

*हमसे आया न गया तुमसे बुलाया न गया |

Friday, 14 February 2025

3021 ग़ज़ल तुमसे तो आया न गया


  2122 1122 1122 112

क़ाफ़िया आया

रदीफ़ न गया

हम बुलाते रहे पर तुमसे तो आया न गया।

छोड़कर भी तो हमें तुमसे तो जाया न गया।

याद तुमने न किया इक दफा जब छोड़ गए।

मुझसे तो एक भी पल तुमको भुलाया न गया।

जब बिछड़ना लिखा किस्मत में मेरी कैसे मिलें ।

तब ही किस्मत से हमें हमको मिलाया न गया।

राह तकता रहा मिलने की जो तरकीब बने।

रास्ता भी तो कोई तुमसे सुझाया न गया।

थे सजाए कई सपने की मिले प्यार तेरा।

ख्वाब ऐसा भी कोई तुमसे दिखाया न गया ।

आसमां के तुझे तारे मैं कभी दे न सका। 

चाह कर भी किया वादा वो निभाया न गया।

थी तमन्ना कोई होता मेरे सपनों का महल। 

हाय वो महल कभी मुझसे बनाया न गया।

इक दफ़ा लिख दिया जो नाम तेरा दिल पे सनम।

लाख कोशिश पे भी तो ''गीत' मिटाया न गया।

2.58pm 14 Feb 2025