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Monday, 7 June 2021

1670 जो करेगा वह भरेगा

दिल की बात हर कोई कहना चाहता,पर सुनना चाहता नहीं ।

करना चाहता सदा मन की, पर दूसरे की बात सहता नहीं।


जो हम तुम हैं समाजिक प्राणी, तो सब की बात सुनो ।

तुम्हारी लाठी देख तुमसे, बात कोई कहता नहीं।


चलता रह तू अपनी धुन में, पर किसी का दिल ना दुखा ।

याद रख..जो करेगा वह भरेगा, पानी उल्टा बहता नहीं।


बहुत हो चुका तेरा मेरा, वक्त आने पर सब यही रहेगा ।

सदा सबका सब कुछ, हरदम यहाँ रहता नहीं।

4.49pm 07 June 2021

Sunday, 6 June 2021

1669 Dohe दोहे

मीठा मीठा बोल तू, अपने दिल को खोल ।

इतना ही बस ध्यान रख, कभी न ऊँचा बोल।

4.37pm 25 May 2021


बागों में बिखरे रहें, लाखों सुमन व पात। 

माटी सब लेती समा ,पूछे ना वो जात। 

2.24pm 6/6/21


आओ मिलजुल कर रहें, भाई बहन समान। 

प्यार सदा बढ़ता रहे ,करें न हम अपमान।

5.39pm 6/6 21


खोटा सिक्का चले नहीं, नेता पर चल जाय ।

भूख प्यास मानस सहे, नेता मौज मनाय।

5.45pm 6 June 2021

Saturday, 5 June 2021

1668 चाय हाय ...तेरा नशा .....

चाय हाय ...तेरा नशा .....

यह कैसा नशा .....

मोदी भी इससे नहीं बचा..


चाय की... क्या बात है ।

तुझी से दिन की शुरुआत है।

तुझसे ही शाम ढले ....

और.. मिलता आराम है ।

चाय हाय ...तेरा नशा ....


कितनी प्यारी है तू....

कभी दूध में मिलाकर

कभी नींबू चटका कर 

अलग अलग स्वाद से तू 

भर आये है।

 कितना मजा आए हैं ।

चाय... हाय... तेरा नशा ...


कभी हल्की ब्राउन ,

कभी डार्क ब्राउन 

तेरे रंग पर मैं वारी वारी जाऊं।

तेरे सामने आते ही मैं खुश हो जाऊं ।

चाय हाय.. तेरा नशा.. 


कितनों के दिल का सुकून है ।

कितनों का ही तू जनून है।

कितने तुझे पा  गर्व फरमाए ।

और खुश हो जाएं ।

चाय हाय.. तेरा नशा ...


तू मिले तो हर मेहमान ,

खुद को खुशकिस्मत समझे ।

नहीं तो सोचे ....

कर दिया यूँ ही मुझको चलते ।

तुझे पाकर वह अपनी इज्जत समझे ।

चाय हाय... तेरा नशा...

5.00pm 5 june 2021

Friday, 4 June 2021

1667 मुझे बचाना पेड़ लगाना

 मैं पेड़ हूं, मुझे जीवित क्यों नहीं समझते ।

क्योंकि मैं ऑक्सीजन देता हूं लेता नहीं ।

पर मैं वह प्राणी हूं जो कार्बन डाइऑक्साइड लेता हूं,

और ऑक्सीजन आप के लिए छोड़ता हूं।

क्योंकि देना ही मेरा धर्म है और मैं,

अपने धर्म से पीछे कभी नहीं हटता ।

चाहे वो फल हों, फूल हों,पत्ते हों या ऑक्सीजन।

 देखो तो तुम्हारा इसमें कितना भला है,

 मैं तो यूं ही पल जाता हूं तुम्हारा कुछ नहीं खाता हूं ।

बस देता ही जाता हूं, देता ही जाता हूं ।

हां

प्रकृति कभी-कभी खिलवाड़ करती है ,

मेरा भी अंतिम संस्कार करती है, पर ,

तुम्हें कोई हक नहीं मुझे यू कत्ल करने का ।

अगर फायदा सोचते हो तो मुझे काटना मत।

मैं भी ज़िंदा हूं,और तुम्हारे बड़े काम का ।

सोचना कुछ और मेरा जीवन बचाना,

और अपना भला सोचकर पेड़ लगाना।

4.55 4 June 2021

Thursday, 3 June 2021

1666 मिला तो सिर्फ एहसास

 ढूंढते रहे उन्हें  दर ब दर, वो न मिला ।

मिला तो सिर्फ एहसास,  न निशां मिला ।


चल पड़े हैं फिर इक बार, राह पर उन्हें ढूंढने।

पर जो हो खुद छिप गया, वह  कहां मिला।

 

रास्ते सुनसान, दीवारें चुप ,खामोशियां छाई ।

फिर भी हर राह पर,हर जगह एक तूफान मिला ।


सोचा था खुशियां ही खुशियां होंगी जिंदगी में।

पर मुझे जिंदगी में गम से भरा जहान मिला ।


कोई कुछ भी कहे ,फिर भी मुझको गम नहीं ।

क्योंकि मैं खुशनसीब हूं, मुझको हिंदुस्तान मिला।

11.43am 01 June 2021

Wednesday, 2 June 2021

1665 मुबारक हो तुमको जन्मदिन की खुशियाँ

 मुबारक हो तुमको जन्मदिन की खुशियाँ ।

महकती रहे खुशियों से तुम्हारी यै दुनिया ।

खुश रहो, मुस्कुराते रहो तुम यूँही हरदम ।

पास आने न पाए तुम्हारे कभी कोई गम।

बगिया तुम्हारी खिली रहे यूँही फूलों से ।

जिंदगी तुम्हारी झूलती रहे खुशी के झूलों से ।

खुशियाँ मनाओ, गीत मंगल तुम गाओ ।

यूँही जन्मदिन हर साल तुम मनाओ।

1.18pm 2 June 2021

Tuesday, 1 June 2021

1664 भीतर से अमीर कोई क्यों बनना नहीं चाहता

 क्यों नकल करना चाहते हैं सब,

दूसरों की दौलत और शोहरत की।

दूसरों की खुशी को कभी कोई ,

नकल क्यों नहीं करना चाहता ।


सबको चाहत है बाहर से,

बस अमीरों जैसा बनने की ।

भीतर से अमीर कभी,

कोई बनना नहीं चाहता। 


नहीं रहती है बाहरी दौलत ,

सदा एक जैसी कभी ।

भीतर खुशी जबकि ,

कोई छीन नहीं पाता ।


भीतर की सकारात्मकता,

भीतर की ताकत को ।

देखकर अनदेखा करते है ,

उसे,कोई अपनाना नहीं चाहता ।


जब उस ऊपर वाले का साथ है,

उस ऊपर वाले पर विश्वास है ।

उसकी छांव में जो रहता हो।

उस तरह कोई रहना नहीं चाहता।

11.31am 1June 2021